तेलंगाना का ‘धनकुबेर’ सरकारी इंजीनियर, घूस और भ्रष्टाचार से बनाई 150 करोड़ से अधिक की संपत्ति
नई दिल्ली। तेलंगाना में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक सरकारी इंजीनियर के परिसरों पर छापेमारी की तो पता चला कि वो इंजीनियर 150 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्ति का मालिक है। घूसखोरी और भ्रष्टाचार के जरिए उसने यह संपत्ति अर्जित की है। एसीबी की टीम को इंजीनियर के पास से 10 अपार्टमेंट समेत कई अचल संपत्तियों के पेपर्स, 2 किलो सोना, लग्जरी कारें और लाखों रुपए कीमत वाली विदेशी शराब की बोतलें मिली हैं। इंजीनियर का नाम मुत्यम वेंकट रमणा है और वो नवीकरणीय ऊर्जा विकास निगम (REDCO) खैरताबाद हैदराबाद में डिविजनल इंजीनियर के पद पर कार्यरत है।
एसीबी की टीम ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में बुधवार को इंजीनियर मुत्यम वेंकट रमणा के घर, ऑफिस, उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों, सहयोगियों से जुड़े सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान जांच टीम ने पाया कि इंजीनियर ने ज्ञात आय के स्रोतों से बहुत अधिक संपत्ति इकट्ठा कर रखी है। एसीबी को सबूत मिले कि रमणा ने अपनी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड चार कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश कर रखे हैं। अधिकारियों को इंजीनियर के बैंक खातों से 52.02 लाख रुपए की बैंक जमा राशि, लगभग 4 करोड़ रुपए मूल्य के 2.094 किलोग्राम सोने के आभूषण, कई फ्लैट, मकान और जमीनों के मालिकाना हक के कागज मिले हैं।
एसीबी के अनुसार इंजीनियर के पास से जो संपत्ति मिली है उसकी कुल कीमत लगभग 150 करोड़ रुपए के आसपास है। जांचकर्ताओं के अनुसार, इंजीनियर की पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड कंपनी के द्वारा अंजनेया नगर, मूसापेट में निर्माणाधीन 10 आवासीय अपार्टमेंट विकसित किए हैं, जिनमें लगभग 20 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इससे पहले दिसंबर 2019 में रमणा को 25,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। उस वक्त वो साइबर सिटी सर्किल, हैदराबाद में सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (ऑपरेशंस) कार्यालय में डिविजनल इंजीनियर (टेक्निकल) के पद पर कार्यरत थे।
