शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, कहा- युवाओं की भावनाओं और आकांक्षा का गहरा सम्मान
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने एक्स अकाउंट पर बयान जारी कर ये जानकारी दी है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक के बाद उन्होंने दोबारा ठीक से परीक्षा कराने के लिए सब कुछ किया। उसका नतीजा ये रहा कि गरीब परिवार के बच्चे भी नीट यूजी परीक्षा में सफल हुए। धर्मेंद्र प्रधान ने साथ ही ये दुख जताया कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग नीट परीक्षा के दौरान छात्रों को गुमराह करते रहे।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में कहा है कि वो युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करते हैं। उन्होंने साथ ही ये भी कहा है कि नीट यूजी पेपर लीक पर पहले दिन से ही जिम्मेदारी ली। युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। पढ़िए धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में और क्या कहा है।
बता दें कि नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक के बाद इसे बीते दिनों ही दोबारा कराया गया था। वहीं, एनटीए ने तय किया है कि नीट यूजी परीक्षा अब से कम्प्यूटर पर आधारित होगी। नीट यूजी पेपर लीक की जांच सीबीआई कर रही है। पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो जारी कर बताया था कि पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठाएगी। इसके तहत सरकार पेपर लीक विरोधी बिल में संशोधन करने जा रही है। छात्रों ने साथ ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। जिसके बाद अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से उनका इस्तीफा हो गया है।
