राज्यसभा में वंदे मातरम बिल पेश, विपक्ष ने किया जोरदार हंगामा, सदन की कार्यवाही स्थगित
नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र के पांचवें दिन आज विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे के बीच सरकार ने राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए इस विधेयक का मकसद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के गायन में किसी भी तरह की बाधा डालने या उसका अपमान करने को आपराधिक अपराध बनाना है। यह विधेयक ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में संशोधन करेगा। इस अधिनियम के तहत देश के राष्ट्रीय प्रतीकों जैसे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान का अपमान या अनादर करना अपराध के दायरे में आएगा, जिसके लिए तीन साल तक की जेल की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
इस बिल पेश किए जाने के बाद उच्च सदन में विपक्ष ने तीखा विरोध और हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के चलते उपसभापति ने सदन की कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। आपको बता दें कि ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ बिल के पास हो जाने के बाद ‘वंदे मातरम’ को कानूनी सुरक्षा और सम्मान देने के मामले में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर का दर्जा हासिल हो सकेगा।
आपको बता दें कि नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है और सभी विपक्षी दल मिलकर संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस ने सरकार से मांग की थी कि नीट पेपर लीक मामले में संसद में चर्चा कराई जाए। जब सरकार ने यह मांग मान ली तो अब राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत अन्य नेताओं ने नई शर्त रख दी कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होगा सदन में चर्चा नहीं होगी। हालांकि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू कई बार विपक्ष से हंगामा बंद करने और शर्तें न थोपने का आह्वान कर चुके हैं।
