जम्मू समेत भारत के इन इलाकों में हो रहा डेमोग्राफिक बदलाव, जानिए आपके शहर में तो नहीं बस रहे घुसपैठिए?
नई दिल्ली। भारत के खिलाफ पाकिस्तान और चीन की नई साजिश का खुलासा हुआ है। देश में डेमोग्राफिक बदलाव की जांच कर रही केंद्रीय कमेटी ने पाया है कि पाकिस्तान और चीन से लगे इलाकों में ज्यादा डेमोग्राफिक बदलाव हुए हैं। इन इलाकों में घुसपैठ, फर्जी पहचान और नियोजित तरीके से खास समुदाय के बसने के मामले देखे गए हैं। इससे इन इलाकों में दूसरे समुदाय के लोगों की संख्या कम करने की साजिश का अंदेशा है।
अमर उजाला अखबार की खबर के मुताबिक गृह मंत्रालय की ओर से बनाई गई डेमोग्राफिक बदलाव पर कमेटी का मुख्य फोकस एलओसी और चीन और भारत के बीच बसे नेपाल से लगे इलाकों पर है। खबर के मुताबिक अब तक की जांच में पता चला है कि इन इलाकों में बड़ी तादाद में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को आबाद कराने की साजिश की आशंका है। सबसे ज्यादा डेमोग्राफिक बदलाव नेपाल सीमा से लगे इलाकों में हुई है। जबकि, जम्मू और उसके आसपास भी ऐसे मामले देखे गए हैं। अखबार के मुताबिक जम्मू शहर के साथ ही कठुआ, राजौरी, पुंछ, सांबा, बारामुला और कुपवाड़ा इलाकों में तेजी से डेमोग्राफिक बदलाव हुआ है।
नेपाल से लगे भारत के कैलाली और कंचनपुर में जनसंख्या की बढ़ोतरी अन्य पहाड़ी जिलों से ज्यादा है। अब तक की जांच से सामने आया है कि आबादी में ये बढ़ोतरी भारतीयों की नहीं है। बांग्लादेश और रोहिंग्या घुसपैठ के कारण इन जगह जनसंख्या में बदलाव आया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को डेमोग्राफिक मिशन शुरू करने का एलान किया था। जिसके बाद गृह मंत्रालय ने इससे संबधित कमेटी बनाई है। बीजेपी लगातार ये आरोप लगाती है कि सीमावर्ती इलाकों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की तादाद लगातार बढ़ी है। वहीं, पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने एलान कर रखा है कि भारत से एक-एक घुसपैठिए को बाहर किया जाएगा।
