अल-नीनो के कारण इन राज्यों में सामान्य से कम हुई बारिश
नई दिल्ली। इस बार कहीं मॉनसून की वजह से जबरदस्त बारिश हो रही है, तो कहीं औसत से कम पानी बरसा है। मौसम विभाग ने अब बताया है कि 29 जुलाई तक हालात फिर बरसात के लिए अनुकूल बन रहे हैं। इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, गुजरात, दक्षिण-पूर्व राजस्थान, उत्तर-मध्य महाराष्ट्र और उत्तर कोंकण इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों में भी फिर बहुत ज्यादा बारिश होगी।
मौसम विभाग के मुताबिक 16 से 22 जुलाई तक सामान्य बारिश हुई। इससे मॉनसून के सीजन में बारिश की कमी भी घटकर 17 फीसदी रह गई है। मौसम विभाग ने बताया कि देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर राज्यों में अब तक सामान्य बारिश हुई है। जबकि, दक्षिण भारत में सामान्य से कम बारिश हुई। 1 जून से 23 जुलाई तक 370.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 306.9 मिलीमीटर ही पानी गिरा है। देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर के इलाकों में भारी बारिश के बावजूद 32 फीसदी की कमी रही है। दक्षिण भारत में 26 फीसदी कम बारिश हुई। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत में 10 फीसदी और मध्य भारत में 6 फीसदी कम बारिश हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक बिहार, झारखंड, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, गोवा और पूर्वोत्तर में कई जगह औसत से 20 से 58 फीसदी कम बारिश हुई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सामान्य से ज्यादा बरसात होने की बात मौसम विभाग ने कही है। मौसम विभाग ने काफी पहले ही चेतावनी दी थी कि इस साल अल-नीनो के कारण औसत से कम बारिश होगी। जबकि, इससे पहले लगातार दो साल तक ला-नीना के कारण औसत से बहुत ज्यादा बारिश हुई थी। बारिश की कमी से धान उगाने वाले किसानों की दिक्कत बढ़ने का अंदेशा है। क्योंकि धान की फसल को बहुत ज्यादा पानी चाहिए होता है। अगर अल-नीनो का असर कुछ कम होता है, तो आगे मॉनसून की बारिश की कमी दूर हो सकती है। भारत में मॉनसून का सीजन जून से सितंबर तक माना जाता है।
