ऑनलाइन फ्रॉड : एसआईआर का फॉर्म भरा है और बीएलओ बताकर फोन कर मांगे ओटीपी तो सावधान!
नई दिल्ली। ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले हर बार नया तरीका निकाल लेते हैं। अब ऐसे फ्रॉड ने वोटरों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लोगों का बैंक खाता खाली करने का हथियार बनाया है। अगर आपने एसआईआर का फॉर्म भरा है या उसे भरने जा रहे हैं और बीएलओ बताकर कोई फोन पर ओटीपी मांगे तो सावधान रहिए! आपसे चूक हुई नहीं कि बैंक खाता खाली होने में देर नहीं लगने वाली।
जिन राज्यों में एसआईआर हो रहा है, वहां के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने लोगों को सावधान किया है। दरअसल, जिन राज्यों में एसआईआर हो रहा है, वहां ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले ठग खुद को बूथ लेवल अफसर यानी बीएलओ बताकर कॉल कर रहे हैं। ये ठग फोन पर कहते हैं कि एसआईआर का फॉर्म जमा करने पर आपके पास ओटीपी आया होगा, वो दे दीजिए तो फॉर्म सबमिट होगा वरना वोटर लिस्ट से नाम कट जाएगा।। फ्रॉड को बीएलए मानकर जो लोग फंसते हैं, उनको लाखों रुपए की तगड़ी चपत लग रही है। ये ठग उन लोगों को भी निशाना बना रहे, जिन्होंने पहले ही एसआईआर का फॉर्म जमा कर दिया है। चुनाव आयोग के अफसरों ने सावधान करते हुए कहा है कि कोई भी बीएलओ किसी से एसआईआर के लिए ओटीपी नहीं मांगता।
अब आपको बताते हैं कि खुद को बीएलओ बताकर कोई अगर आपसे फोन पर ओटीपी मांगता है, तो क्या करना चाहिए। पहले अपने मोबाइल फोन को चेक करें कि उसमें कोई ओटीपी आया है या नहीं। अगर ओटीपी आया है, तो उसे कतई न दें। फोन करने वाला अगर ये कहता है कि बिना ओटीपी एसआईआर का फॉर्म सबमिट नहीं होगा, तो घबराएं नहीं। अगर वो कहे कि बीएलओ बोल रहा हूं और ओटीपी न देने पर वोटर लिस्ट से नाम कट जाएगा, तो भी ओटीपी न बताएं। उसका फोन काटने के साथ ही तत्काल पुलिस थाने में लिखित या साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर दें। ताकि उस फ्रॉड को गिरफ्तार किया जा सके।
