एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा में पेश, जानिए इस नए संशोधन विधेयक में क्या-क्या हैं प्रमुख प्रावधान?
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश कर दिया है। इस ‘पब्लिक एग्जामिनेशनंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए कुछ विशेष सुधार किया जाना है। मोदी कैबिनेट पहले ही इस ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे चुकी है। जिस वक्त केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में यह बिल प्रस्तुत कर रहे थे, कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी थी। इसकी वजह से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी।
इस संसोधन विधेयक के तहत अब पेपर लीक करने वाले दोषियों को 10 की सजा और 10 करोड़ रुपए के जुर्माना का प्रावधान है। इसके साथ ही विधेयक के अनुसार, पेपर लीक मामलों में त्वरित फैसले के लिए इनकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। इतना ही नहीं अदालत को तीन महीने में फैसला सुनाना होगा। इससे पहले इस कानून में 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान था। इसके अलावा 10 लाख का जुर्माना लगाया जाता था। पहले पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच सेंट्रल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी के द्वारा किया जाता था, जबकि अब संसोधन बिल के मुताबिक इन मामलों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
जांच पूरी करने के लिए पहले कोई समय सीमा निर्धारित नहीं थी मगर अब जो संशोधन बिल लाया गया है उसमें जांच एजेंसी को 2 महीने के भीतर जांच पूरी करके अपनी फाइनल रिपोर्ट सब्मिट करनी होगी। इस मुद्दे पर पीएम मोदी भी हाल ही में वीडियो जारी कर युवाओं को मैसेज दे चुके हैं। बीजेपी ने इस बिल पर चर्चा के लिए अपने युवा सांसदों बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या को जिम्मेदारी सौंपी है। अपना दल से अनुप्रिया पटेल, एलजेपी रामविलास से अरुण भारती टीडीपी से लावु श्री कृष्ण देवरायलु, जेडीयू से लल्लन सिंह, शिवसेना से डा. श्रीकांत शिंदे इस बिल पर चर्चा में हिस्सा लेंगे।
