ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इजरायल के खिलाफ लड़ाई में हिजबुल्लाह को लेकर दिया बड़ा बयान
नई दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह के समर्थन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उसके लड़ाकों के धैर्य और साहस की सराहना की। खामेनेई ने हिजबुल्लाह की रक्षा करना ईरान की रणनीतिक जिम्मेदारी बताया है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक क्रांति के महान शहीद नेता द्वारा तय की गई नीति के अनुसार, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान हिजबुल्ला के इन मजलूम लेकिन ताकतवर मुजाहिदीन की रक्षा को अपनी रणनीतिक जिम्मेदारी मानता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सरकार और जायोनियों अपराधी के अत्याचार और दमन से तंग आ चुके हिजबुल्लाह के लड़ाकों के पास जिहाद और प्रतिरोध के अलावा आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं है। खामेनेई बोले, सच्चाई के रास्ते पर चलने वाले मुजाहिदीन को अल्लाह की मदद से वो जीत जरूर मिलेगी जिसका वादा किया गया है।
हिजबुल्लाह प्रमुख शेख नईम कासिम और संगठन के लड़ाकों की ओर से भेजे गए समर्थन पत्र का जवाब देते हुए मोजतबा खामेनेई ने एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। उन्होंने अब जब लेबनान का हिजुबुल्लाह जायोनी शासन की आक्रामकता के खिलाफ जिहाद में शामिल समूहों के अगुआ के तौर पर एक अडिग चट्टान की तरह खड़ा है, तो उसकी यह दृढ़ता दुनिया के आजाद देशों के लिए ‘ग्लोबल एरोगेंस’ (वैश्विक अहंकार) से मुक्ति की चाहत में एक प्रेरणादायक संदेश बन गया है।
खामेनेई ने कहा कि अमेरिका के द्वारा हम पर थोपे गए युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौते की हमारी मुख्य शर्त है कि लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए इजरायल बिना किसी शर्त के पूरी तरह से हमले रोक दे। खामेनेई ने हिजबुल्लाह के शहीद सरदार सैयद हसन नसरुल्लाह को श्रद्धांजलि भी अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने इस्लामिक रेजिस्टेंस के पौधे को एक विशाल पेड़ में बदल दिया, जिसकी जड़ें मजबूत हैं और शाखाएं आसमान तक पहुंच रही हैं। मोजतबा बोले हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने अपने जिहाद और प्रतिरोध के ज़रिए पूरे इस्लामी जगत में लेबनान का मान-सम्मान और प्रतिष्ठा को बढ़ाया है।
