मेरठ का ‘कांवड़ मॉडल’ पूरे प्रदेश में होगा लागू, सीएम योगी ने की सराहना
कांवड़ यात्रा की सुरक्षा : 36 सुपर जोन, 101 जोन, 439 सेक्टर, 6955 सीसीटीवी कैमरों और हाईटेक से होगी निगरानी
नरेंद्र बंसल-
मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास, कांवड़ यात्रा और आगामी पर्वों की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मेरठ जोन की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की सराहना करते हुए यहां तैयार किए गए ‘कांवड़ मॉडल’ को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए हैं।
मेरठ जोन पुलिस और प्रशासन ने इस वर्ष कांवड़ यात्रा के लिए व्यापक सुरक्षा एवं ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार की है। इसके तहत पूरे कांवड़ मार्ग को 36 सुपर जोन, 101 जोन और 439 सेक्टर में विभाजित किया गया है। मुजफ्फरनगर के पुरकाजी से गाजियाबाद के मोहिउद्दीनपुर तक कांवड़ मार्ग पर 256 बैरिकेडिंग लगाई गई हैं। सुपर जोन की जिम्मेदारी सीओ, जोन की इंस्पेक्टरों और सेक्टर की चौकी प्रभारियों को सौंपी गई है।
यात्रा की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए 6 अस्थायी थाने और 134 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। वहीं पुलिस लाइन स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से 6955 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे कांवड़ मार्ग की लाइव निगरानी की जाएगी। संभावित हादसों से निपटने के लिए करंट लगने, सर्पदंश, आग लगने और सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपात स्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
तकनीक का होगा व्यापक इस्तेमाल
पूरे कांवड़ मार्ग को गूगल मैप से जोड़ा गया है, जिससे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी मोबाइल पर रूट और डायवर्जन की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा 239 पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए गए हैं, जिनके जरिए श्रद्धालुओं तक आवश्यक सूचनाएं और निर्देश पहुंचाए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की गई है, जबकि संवेदनशील सूचनाएं जुटाने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को कांवड़ियों के वेश में भी तैनात किया जाएगा।
म्यूजिक सिस्टम के लिए भी तय हुए मानक
कांवड़ यात्रा में उपयोग होने वाले म्यूजिक सिस्टम की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट निर्धारित की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए 74 वॉच टावर बनाए गए हैं, जबकि यूपी-112 की 361 गाड़ियां भी यात्रा ड्यूटी में लगाई गई हैं।
एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष मेरठ का विस्तृत मास्टर प्लान प्रस्तुत किया गया था। इसकी प्रभावी एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ के ‘कांवड़ मॉडल’ को पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए हैं।
