रामावतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी दोषी करार, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजित जोगी के बेटे हैं
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और अब दिवंगत अजित जोगी के बेटे अमित जोगी को हाईकोर्ट ने रामावतार जग्गी हत्याकांड में दोषी करार दिया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली बेंच ने अमित जोगी को तीन हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फिर सुनवाई की। अमित जोगी ने खुद को दोषी ठहराए जाने को अप्रत्याशित बताते हुए कहा है कि सुनवाई का मौका नहीं दिया गया। अमित जोगी ने कहा है कि गंभीर अन्याय हुआ लगता है। अमित जोगी ने कहा है कि खुद को हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा।
साल 2002 में एनसीपी के तत्कालीन ट्रेजरार रामावतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या की गई थी। उस वक्त अमित जोगी के पिता अजित जोगी छत्तीसगढ़ के सीएम थे। रामावतार जग्गी की हत्या बहुचर्चित हुई थी। इस मामले में सीबीआई जांच हुई थी। सीबीआई ने रामावतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी और 30 अन्य को आरोपी बनाया था। इसके बाद साल 2007 में सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने सबूत न होने की बात कहकर अमित जोगी को बरी कर दिया। हालांकि, सीबीआई कोर्ट ने 28 अन्य को रामावतार जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट से अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को सुनवाई के लिए कहा।
इससे पहले जब सीबीआई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट गई थी, तो उसने देरी से अपील का आधार देकर जांच एजेंसी की याचिका खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हत्या और साजिश गंभीर आरोप होते हैं। ऐसे में हाईकोर्ट को देरी की तकनीकी दिक्कत की जगह न्याय के सिद्धांत और मेरिट को प्राथमिकता देनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने रामावतार जग्गी हत्याकांड में सीबीआई की ओर से अपील दाखिल करने में तीन साल से ज्यादा की देरी को माफ कर दिया था। अब अमित जोगी के पास तुरंत सुप्रीम कोर्ट जाकर किसी तरह राहत पाने का ही रास्ता बचा है। अगर सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिली, तो अमित जोगी को जेल जाना होगा।
