शिरिषा बांदला ने इतिहास रच बढ़ाई देश की शान, बनीं अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली तीसरी भारतीय महिला
नई दिल्ली। एरोनॉटिकल इंजीनियर शिरिषा बांदला ने इतिहास रच दिया है। दरअसल शिरिषा बांदला रविवार को अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली भारतीय मूल की तीसरी महिला बन गईं। उन्होंने अमेरिका के न्यू मैक्सिको प्रांत से ब्रिटिश अरबपति रिचर्ड ब्रैनसन के साथ ‘वर्जिन गैलेक्टिक’ की अंतरिक्ष के लिए पहली पूरी चालक दल वाली सफल परीक्षण उड़ान भरी।
बता दें कि शिरिषा से पहले कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष का सफर कर चुकी हैं। जिसके बाद वह अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली भारतीय मूल की तीसरी महिला बन गई है।
भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भारतीय मूल की शिरिषा बांदला के इतिहास रचने वाले पर बधाई दी है।
कौन है शिरिषा बांदला
34 साल की शिरिषा एक एरोनॉटिकल इंजीनियर हैं। सिरिशा ने इंडियाना के पर्ड्यू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की है। शिरिषा कल्पना चावला के बाद वह भारत में जन्मीं दूसरी ऐसी महिला हैं, जो अंतरिक्ष में जा रही है साथ ही वो अंतरिक्ष में जाने वाली चौथी भारतीय भी बन गई हैं। शिरिषा ने एक वीडियो भी ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने कहा कि, ‘मुझे यूनिटी22 क्रू और उस कंपनी का हिस्सा होने पर सम्मानित महसूस हो रहा है, जिसका मिशन सभी के लिए अंतरिक्ष को सुगम बनाना है।’
