उदयनिधि के बयान पर कांग्रेस में अलग-अलग सुर, वेणुगोपाल बोल रहे सर्वधर्म समभाव की बात, खड़गे के बेटे ने अलग राग अलापा
नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म को समाप्त करने वाले बयान को लेकर लगातार घमासान मचा हुआ है। भाजपा ने उदयनिधि के बयान की आलोचना की है सनातन धर्म का अपमान बताया है। इसके साथ विपक्षी गठबंधन को निशाने पर लिया। वहीं उदयनिधि के इस विवादित बयान पर कांग्रेस पार्टी का रिएक्शन सामने आया है। उदयनिधि की सनातन धर्म को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर अब कांग्रेस पार्टी के अंदर अलग-अलग सुर देखने को मिल रहे है। एक तरफ जहां कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, पार्टी ‘सर्व धर्म समभाव’ की विचारधारा रखती है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे ने उदयनिधि का समर्थन करते हुए विवादित टिप्पणी कर डाली।
मीडिया द्वारा उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए विवादित बयान पर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, ”हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है-‘सर्व धर्म समभाव’, यह कांग्रेस की विचारधारा है। हर राजनीतिक दल को अपनी बात कहने की आजादी है, हम सभी के विचारों का सम्मान करते हैं।”
तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन की ‘सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए’ वाली बयान पर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे का रिएक्शन सामने आया है। प्रियांक खड़गे ने कहा, “कोई भी धर्म जो समानता को बढ़ावा नहीं देता है या यह सुनिश्चित नहीं करता है कि आपको इंसान होने का सम्मान मिले, वह मेरे अनुसार धर्म नहीं है, कोई भी धर्म जो समान अधिकार नहीं देता है या आपके साथ इंसानों जैसा व्यवहार नहीं करता है वह बीमारी के समान है।”
बता दें कि तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि सनातन धर्म की तुलना मलेरिया, डेंगू से कर दी थी। उदयनिधि ने कहा था कि सनातन धर्म का विरोध नहीं, बल्कि खत्म कर देना चाहिए।
तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि की सनातन धर्म को लेकर की गई विवादित कमेंट पर केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा, “जो अपने बयान पर कायम हैं वे(उदयनिधि स्टालिन) राजनीति कर रहे हैं और अपने मानसिक खोखलेपन को दर्शा रहे हैं। यह मानसिक खोखलापन सामने दिखाई पड़ रहा है क्योंकि उनके ज़ेहन में सनातन के प्रति नफरत भरी हुई है।”
