रूस ने भारत को जरूरत के मुताबिक तेल और एलपीजी आपूर्ति को लेकर जताई प्रतिबद्धता
नई दिल्ली। ऊर्जा आपूर्ति के क्षेत्र में भारत के प्रमुख साझेदार रूस ने भारत को तेल और एलपीजी आपूर्ति को लेकर प्रतिबद्धता जताई है। भारत में तैनात रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने एक टीवी चैनल को दिए अपने हालिया इंटरव्य में भारत के साथ रूस के मजबूत संबंधो, दोनों देशों के आपसी रक्षा सहयोग, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक हालात पर बात की। इस दौरान रूसी राजदूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रूस भारत को उसकी जरूरत के मुताबिक ऊर्जा आपूर्ति करता रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय देशों को अविश्वसनीय साझेदार बताया है।
रूसी राजदूत ने कहा कि भारत और रूस हमेशा से ही एक भरोसेमंद पार्टनर रहे हैं और यह एक सच्चाई है। उन्होंने कहा कि तेल के अलावा हम भारत को एलपीजी सप्लाई करने के लिए भी तैयार है जितनी उसे चाहिए। अमेरिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लेकिन हमारे सामने कुछ रुकावटें जैसे टैरिफ संबंधी धमकी, प्रतिबंध यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। इसके आगे उन्होंने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते पुराने होने के साथ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और दोनों देशों के बीच की यह साझेदारी भविष्य में और मजबूत होगी।
रूसी राजदूत ने बताया कि सितंबर 2026 में भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुतिन का पिछले साल जो भारत दौरा हुआ था उसके बाद अब रूस भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे का इंतजार कर रहा है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र की बात करते हुए ब्रह्मोस मिसाइल और AK-203 राइफल को भारत और रूस के सहयोग की बड़ी उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि S-400 मिसाइल सिस्टम की बची हुई डिलीवरी भी बहुत जल्द भारत को मिल जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी मोहर लगाई कि भारत ने रूस के आधुनिक लड़ाकू विमान SU-57 में रुचि दिखाई है। हालांकि इसको लेकर और अधिक डिटेल देने से इनकार कर दिया है।
