किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा, परिसीमन को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने दी गारंटी
नई दिल्ली। परिसीमन बिल को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपने वक्तव्य में विपक्षी सदस्यों को इस बात का आश्वासन कि इसमें किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा, यह मोदी की गारंटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर कहा, मैं आज बड़ी जिम्मेदारी के साथ इस सदन में कहना चाहता हूं कि चाहे दक्षिण हो, उत्तर हो, पूर्व हो, पश्चिम हो, छोटे राज्य हों या बड़े राज्य, मैं जिम्मेदारी के साथ कहना चाहता हूं कि यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करेगी। यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी।
मोदी ने गारंटी देते हुए कहा, भूतकाल में जो सरकारें रही और जिनके कालखंड में जो परिसीमन हुआ और जो अनुपात उस समय से चला आ रहा है, उस अनुपात में भी कोई बदलाव नहीं होगा और वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी। प्रधानमंत्री बोले, अगर गारंटी शब्द चाहिए तो मैं गारंटी शब्द का उपयोग करता हूं, अगर वादे की बात करते हैं तो मैं वादा करता हूं, अगर तमिल में कोई अच्छा शब्द है तो मैं वो भी बोलने के लिए तैयार हूं क्योंकि जब नीयत साफ है तो फिर शब्दों का खेल करने की हमें जरूरत नहीं है।
आपको बता दें कि नए परिसीमन विधेयक 2026 में यह प्रावधान है कि अब हर जनगणना के बाद सीमांकन करना जरूरी नहीं रहेगा। इसका मतलब यह हुआ कि बिल पास होने के बाद संसद तय करेगी कि सीमांकन कब होगा और किस जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसको लेकर विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। विपक्षी नेतृत्व वाले दक्षिण भारतीय राज्यों को इस बात का डर है कि नई जनगणना के आधार पर सीमांकन हुआ तो उनकी लोकसभा सीटें कम हो सकती है। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, डीएमके नेता टीआर बालू ने संसद में परिसीमन बिल का विरोध किया है। उधर, तमिलनाडु में मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस बिल की प्रतियां जलाते हुए विरोध किया था।
