महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर गौरव गोगोई के आरोपों पर तेजस्वी सूर्या ने दिया जवाब
नई दिल्ली। संसद के तीन दिन के विशेष सत्र में आज सरकार की ओर से लोकसभा में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 चर्चा के लिए पेश किए गए। इन तीनों बिलों पर कल यानी 17 अप्रैल को शाम 4 बजे वोटिंग होगी। लोकसभा में तीनों बिलों पर जारी चर्चा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोक झोंक देखने को मिल रही है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, महिला आरक्षण बिल परिसीमन के इरादे से प्रेरित है, जिस पर महिला को कोटे का लेबल लगा दिया गया है। वहीं बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने गौरव गोगोई के आरोपों पर सरकार का पक्ष रखा।
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि पहले महिला आरक्षण बिल पेश किया गया था तब आरजेडी और सपा के सांसदों ने बिल की प्रति को फाड़ दिया था। आज यह बिल सिर्फ बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से ही पास हो पा रहा है। सूर्या ने आगे कहा कि परिसीमन कोई बैकडोर प्रोसेस नहीं है बल्कि संविधान के निर्धारित नियमों के आधार पर ही ऐसा हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत के लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की बातों से ऐसा लग रहा था कि शायद पहली बार इस सदन में महिला आरक्षण पर चर्चा हो रही हो। लेकिन आज से ही तीन साल पहले, तब गृह मंत्री अमित शाह ने उस समय भी ऐसी ही बातें की थी और अगर आप दोनों के व्यक्तव्य को सुनें, तो मुझे लगता है कि उस समय गृह मंत्री ने जो कहा था, उसका 90% हिस्सा वही आज कानून मंत्री ने पढ़कर हमें फिर से सुनाया है।
गोगोई बोले, उस समय भी ऐसी ही चर्चाएं हुई थीं, और हम तब भी वही बात कह रहे थे जो आज आपके सामने कह रहे हैं कि हमारी कांग्रेस पार्टी, महिला आरक्षण के पक्ष में है। लेकिन कृपया महिला आरक्षण को सरल करिए, ताकि जिस समय यह कानून पारित हो, उसी समय लागू हो जाए और यह लोकसभा में हमारे मौजूदा 543 सदस्यों की संख्या पर लागू हो जाए। इसे परिसीमन से न जोड़ें। हमने यह बात तब भी कही थी और आज भी कह रहे हैं।
