नई दिल्ली। केंद्र द्वारा लागू किए गए तीन नए कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठनों के आंदोलन को 7 महीने से अधिक हो गए हैं। ऐसे में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करने की मंशा साफ कर दी है। कुछ दिनों पहले ही राकेश टिकैत ने ऐलान किया था कि, अगर सरकार का रवैया ऐसा ही रहा तो हम हमारे इस आंदोलन को और तेज करेंगे। पूरे देश में करेंगे। तो वहीं अब एक बार फिर टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी है। टिकैत ने कहा है कि जब तक सरकार मांगे पूरी नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अपने दूसरे ट्वीट में टिकैत ने लिखा, “सिरसा में आंदोलनकारी किसानों पर देशद्रोह के मुकदमे करना आंदोलन को दबाने का प्रयास है, देशद्रोह किसी देश की शक्ति के साथ मिलकर देश को नुकसान पहुंचाना है, किसान अपनी मांगों के लिए लड़ रहे है सरकारी इसे बंद करें अन्यथा आंदोलन के लिए तैयार रहे।” दूसरी तरफ सरकार को धमकी देने के चक्कर में राकेश टिकैत लोगों के निशाने पर आ गए। लोगों ने उनके ट्वीट को रिट्वीट करते हुए टिकैत की जमकर फजीहत कर डाली।
बता दें, बीते दिनों राकेश टिकैत ने संसद भवन के घेराव को लेकर अपने एक ट्वीट में सरकार के चेतावनी दी थी। बुधवार को राकेश टिकैत ने अपने एक ट्वीट में एक पोस्टर जारी करते हुए लिखा था कि, संसद अगर अहंकारी और अड़ियल हो तो देश में जनक्रांति निश्चित होती है।
जो पोस्टर राकेश टिकैत ने जारी किया है उसपर लिखा है कि 22 जुलाई को संसद के बाहर किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। इस पोस्टर में संसद भवन की फोटो भी लगाई गई है। इसमें एक तरफ गेंहू की बालियां दिखाई गई हैं। वहीं उसके नीचे बैकग्राउंड में किसानों का विरोध प्रदर्शन करते हुए फोटो भी लगाया गया है। इसी पोस्टर में बताया गया है कि इस प्रदर्शन की 22 जुलाई को किया जाएगा। इसके अलावा पोस्टर में सबसे नीचे हैशटैग के साथ किसानों का संसद भवन पर प्रदर्शन लिखा गया है। बता दें कि संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई से शुरू हो रहा है। संसद के अंदर भी किसानों के मुद्दों पर विपक्षी सांसदों का हंगामा देखने को मिल सकता है।
