संसद सत्र से पहले पीएम मोदी की विपक्ष को नसीहत, कहा- चुनावों में हार का गुस्सा सदन में न निकालें
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष को नसीहत दी है कि वो सदन को चलाने में सहयोग दे और हार का गुस्सा संसद के भीतर न निकाले। पीएम मोदी ने संसद सत्र शुरू होने से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक तापमान भी बढ़ रहा है। इसके बाद ही पीएम ने विपक्ष के लिए कहा कि विधानसभा चुनाव नतीजों में पराजय का गुस्सा वे संसद के भीतर न निकालें। पीएम मोदी ने विपक्ष के लिए कहा कि आपको देश के लिए सकारात्मक संदेश देना चाहिए। इससे आपका फायदा होगा। मोदी ने कहा कि अगर विपक्ष की छवि विरोध और नकारात्मक की बनी, तो ये लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भी अहम भूमिका है।
लोकसभा चुनाव से पहले हो रहे संसद के इस कार्यकाल के अंतिम शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार की तरफ से कई अहम बिल पेश किए जाने की संभावना है। इनमें आईपीसी और सीआरपीसी की जगह नए कानून बनाने वाले बिल भी शामिल हैं। इन बिलों का विपक्ष पहले से विरोध कर रहा है। हालांकि, संसद की सेलेक्ट कमेटी ने बिलों को मंजूरी दे दी है। संसद के इस सत्र में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर लगे कैश फॉर क्वेरी यानी पैसे और गिफ्ट लेकर सवाल पूछने के आरोप के मसले को विपक्ष ने उठाने का फैसला किया है।
महुआ मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से पैसे और गिफ्ट लेकर अडानी के मसले पर लोकसभा में सवाल पूछे। यहां तक कि हीरानंदानी के स्टाफ को अपने संसद के लॉगइन और पासवर्ड भी देने का आरोप महुआ मोइत्रा पर लगा है। टीएमसी पहले तो महुआ के साथ खड़ी नहीं दिख रही थी, लेकिन एथिक्स कमेटी की तरफ से भेजी गई रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा की सांसदी रद्द करने की सिफारिश के बाद अब उनकी पार्टी और बाकी विपक्ष भी समर्थन में खड़ा दिख रहा है।
