February 15, 2026

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अनुच्छेद 370 पर SC के फैसले का PM मोदी ने किया स्वागत, बताया- घाटी में विकास, सरकार की प्राथमिकता, दिया ये नया स्लोगन

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज मोदी सरकार के अनुच्छेद 370 हटाने जाने के फैसले पर मुहर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि केंद्र का अनुच्छेद 370 हटाने का निर्णय सही है। सीजेआई का कहना है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना संवैधानिक तौर पर वैध है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार के पास अनुच्छेद 370 हटाने का अधिकार है। कोर्ट ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने को भी वैध ठहराया है। हालांकि सर्वोच्च अदालत ने कहा कि केंद्र ने जो वादा किया था उसे पूरा करते हुए जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा वापस ले। साथ ही 30 सितंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराया जाए। इस बीच सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। पीएम मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए  ऐतिहासिक बताया है। इसके साथ ही उन्होंने #NayaJammuKashmir का भी स्लोगन दिया है।

सोमवार को पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ”अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है और 5 अगस्त 2019 को भारत की संसद द्वारा लिए गए फैसले को संवैधानिक रूप से बरकरार रखता है।” पीएम मोदी ने आगे लिखा, “यह जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में हमारी बहनों और भाइयों के लिए आशा, प्रगति और एकता की एक शानदार घोषणा है। न्यायालय ने, अपने गहन ज्ञान से, एकता के मूल सार को मजबूत किया है जिसे हम, भारतीय होने के नाते, बाकी सब से ऊपर प्रिय मानते हैं और संजोते हैं।”

निराश हूं लेकिन हताश नहीं हूं, संघर्ष जारी रहेगा-उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैध ठहराए जाने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, “निराश हूं लेकिन हताश नहीं हूं। संघर्ष जारी रहेगा।”

अनुच्छेद 370 को निरस्त करने वाले कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने बहुत बारीकी से हर एक विषय को देखा है। सभी परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट उस नतीजे पर पहुंची है। मैं फैसले का स्वागत करता हूं… बहुत दिनों से हवा में थी, अब स्पष्ट हो गया है कि अनुच्छेद 370 को हटाना वैध था। मेरी प्रधानमंत्री  मोदी प्रार्थना है कि अब जल्द से जल्द हमें राज्य का दर्जा दे दें। जरूरी नहीं है कि पहले चुनाव हो फिर राज्य का दर्जा दिया जाए। चुनाव हो तो राज्य के लिए हो, केंद्र शासित प्रदेश के लिए क्यों हों। चुनाव सिंतबर तक कराने की बात कही गई है ये अच्छी बात है।”

आगे उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि जम्मू-कश्मीर के कुछ लोगों को ये निर्णय अच्छा नहीं लगेगा। मेरी उनसे राय है हमदर्द होने के नाते क्योंकि मैं भी जम्मू-कश्मीर का हूं। मेरी प्रार्थना है कि अब वो इसको स्वीकार कर ले।  विरोध करने का लाभ नहीं है। राजनीति के लिए तैयार हो जाए, चुनाव डटकर लड़े।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आज़ाद पार्टी(DPAP) के अध्यक्ष गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, “एक उम्मीद थी क्योंकि कई चीज़ों में हमने कहा था कि जो कोर्ट कहेगा वह आखिरी फैसला होगा… मैं बुनियादी तौर पर कहता हूं कि इसे खत्म करना ग़लत था। इसे करते वक्त जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों से पूछा नहीं गया… हम अदालत के खिलाफ नहीं जा सकते लेकिन इस फैसले से हम, जम्मू-कश्मीर के लोगों को अफसोस है…”

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