तमिलनाडु कांग्रेस में अंतरकलह!, वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति को लोकसभा टिकट न देने की नेताओं ने की मांग
चेन्नई। पूर्व वित्त और गृह मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के सांसद बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ तमिलनाडु कांग्रेस के कई नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। कार्ति चिदंबरम को लोकसभा चुनाव के लिए टिकट न देने की मांग शिवगंगा के कांग्रेस नेताओं ने एक बैठक में कर दी। ये बैठक बूथ एजेंट्स की नियुक्ति को लेकर हो रही थी। कार्ति चिदंबरम शिवगंगा सीट से ही कांग्रेस के सांसद हैं। उनके पिता पी. चिदंबरम भी शिवगंगा सीट से ही 7 बार सांसद रह चुके हैं। कार्ति चिदंबरम पिछले दिनों ये कहकर कांग्रेस नेताओं के निशाने पर आए थे कि मोदी का कोई मुकाबला नहीं है, राहुल गांधी भी नहीं।
मीडिया की खबरों के मुताबिक कार्ति चिदंबरम के खिलाफ कांग्रेस की शिवगंगा इकाई के नेता हैं। शिवगंगा की कांग्रेस इकाई ने प्रस्ताव भी पास किया है कि कार्ति चिदंबरम को लोकसभा चुनाव का टिकट न दिया जाए। जिस बैठक में कार्ति के खिलाफ आवाज उठी, उसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री ईएम सुदर्शन नाचियप्पन भी थे। नाचियप्पन ने ही कार्ति को टिकट न दिए जाने का प्रस्ताव पेश किया और इसे पास किया गया। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से नाचियप्पन ने कहा कि बैठक में बहुत भीड़ इकट्ठा हो गई। मौजूद लोग कार्ति चिदंबरम के खिलाफ थे और उन्होंने शिवगंगा सीट से कार्ति को दोबारा कांग्रेस का लोकसभा टिकट न दिए जाने के खिलाफ प्रस्ताव पास करने की मांग की। बैठक में कार्ति के पिता पी. चिदंबरम के समर्थक भी थे।
कार्ति के खिलाफ कांग्रेस में उठी आवाजों से साफ है कि पार्टी में अंदर ही अंदर अंतरकलह है। तमिलनाडु में कांग्रेस और सत्तारूढ़ डीएमके के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा भी जारी है। ऐसे में पी. चिदंबरम जैसे बड़े नेता के बेटे के खिलाफ आवाज उठना कांग्रेस में सबकुछ ठीक न होने के संकेत दे रहा है। अब सबकी नजर इस पर है कि कार्ति चिदंबरम के खिलाफ उठ रही आवाजों पर कांग्रेस का आलाकमान क्या फैसला लेता है। कार्ति के पिता कांग्रेस के बड़े नेता भी हैं। ऐसे में कार्ति का टिकट काटे जाने पर उनकी नाराजगी भी कांग्रेस के लिए दिक्कत का सबब बन सकती है।
