बीएलए लड़ाकों ने बलूचिस्तान में पाकिस्तान नौसेना के एयरबेस पर किया हमला, हेलीकॉप्टर और ड्रोन नष्ट होने की खबर; 4 की मौत
तुरबत। पाकिस्तान में बलूचिस्तान के तुरबत में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की माजिद ब्रिगेड ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और नौसेना के सिद्दीक एयरबेस पर हमला किया। माजिद ब्रिगेड के लड़ाकों और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के बीच जमकर फायरिंग हुई। अपुष्ट खबरों के मुताबिक बीएलए के लड़ाकों ने सिद्दीक एयरबेस पर एक हेलीकॉप्टर और चीन में बने कुछ ड्रोन नष्ट कर दिए। पाकिस्तान की मीडिया के मुताबिक देर तक चली फायरिंग के बाद बीएलए के 4 लड़ाकों को आखिरकार सुरक्षाबलों ने मार गिराया। पाकिस्तान की मीडिया ने अफसरों के हवाले से बताया कि जब बीएलए के लड़ाकों ने सिद्दीक एयरबेस में घुसने की कोशिश की, तो उनकी तुरंत पहचान कर ली गई और फिर कार्रवाई हुई। पाकिस्तान की सेना इस मामले में अब तक चुप्पी साधे हुए है।
बीएलए को पाकिस्तान की सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है। बीएलए के लड़ाके बलूचिस्तान प्रांत को आजाद कराने के लिए पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना के खिलाफ हथियारबंद आंदोलन करते आ रहे हैं। सिद्दीक एयरबेस में बीएलए लड़ाकों और पाकिस्तान की सेना के बीच संघर्ष के दौरान धमाके होने की भी खबर मिली। सिद्दीक एयरबेस पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा नौसैनिक अड्डा है। पूरे इलाके में कई जगह धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। बीएलए लड़ाकों के हमले की जानकारी मिलने पर तुरबत के अस्पतालों में तत्काल इमरजेंसी घोषित की गई और सभी डॉक्टरों को बुलाया गया। बताया जा रहा है कि बीएलए लड़ाकों के साथ गोलीबारी में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के कुछ जवान घायल भी हुए हैं। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।
तुरबत में जो हमला हुआ, उसे बीएलए माजिद ब्रिगेड ने किया। माजिद ब्रिगेड लगातार ये आरोप लगाती है कि चीन के साथ मिलकर पाकिस्तान बलूचिस्तान इलाके में संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। बलूचिस्तान में चीन के निवेश का भी बीएलए की माजिद ब्रिगेड विरोध करती रही है। बीएलए की माजिद ब्रिगेड के लड़ाकों ने इससे पहले 20 मार्च को बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह पर भी हमला किया था। तब पाकिस्तान के कुछ सैनिक मारे गए थे। जबकि, माजिद ब्रिगेड के 8 लड़ाकों ने भी जान गंवा दी थी। बीएलए का आरोप है कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान पर अवैध कब्जा कर रखा है। इतिहास भी बताता है कि बलूचिस्तान की तत्कालीन सरकार ने 1947 में पाकिस्तान में शामिल न होने का फैसला किया था। बाद में सैन्य कार्रवाई के जरिए बलूचिस्तान को पाकिस्तान में शामिल किया गया था।
