भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की घोषणा
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों के लिए बड़ी घोषणा की है। सीएम ने न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को बिहार सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान किए जाने का ऐलान किया है। पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच चल रही है। 17 जून को भोजपुर में पुलिस ने भरत तिवारी का एनकाउंटर किया था। परिजनों का आरोप है कि भरत के सरेंडर करने के बावजूद पुलिस ने उसको एनकाउंटर में मार डाला।
इस मामले में सबसे पहले जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और शाहपुर थानाध्यक्ष सहित एनकाउंटर में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। उसके बाद पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया गया था। आरा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मिलकर अभी पिछले महीने ही एसटीएफ जवान अक्षय को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि अक्षय ने भरत पर पहली गोली चलाई थी। इससे कुछ दिन पहले भरत की मां आशा देवी और परिवार के अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई थी। सीएम ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया था।
सीएम से मिलने के बाद भरत की मां ने कहा था कि उनको सिर्फ मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद है। अभी हाल ही में 10 अगस्त को भरत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव सिंह ने कहा था कि उनकी ओर से किए गए सभी अनुरोध को आरा कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। उन्होंने यह दावा भी किया कि आरा सीजेएम कोर्ट ने तत्कालीन जगदीशपुर एसडीएम संजीत कुमार, एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, एएसआई रमाशंकर यादव, दरोगा अंकित आर्यन, हरिश्चंद्र कुमार, विकास कुमार समेत 11 लोगों के खिलाफ गैर जमानंत वारंट जारी किया है।
