बांग्लादेश में बिजली का घोर संकट, सरकार ने रात 8 बजे ही ज्यादातर बाजार बंद करने का आदेश दिया
ढाका। बांग्लादेश की सरकार और वहां के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। बांग्लादेश के बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्रालय ने बुधवार शाम को आदेश जारी कर देशभर में दुकानों, बाजार और शॉपिंग मॉल्स को सुबह 11 से रात 8 बजे तक ही खोलने का आदेश दिया है। बांग्लादेश के अखबार ‘प्रोथोम आलो’ के मुताबिक सरकार ने रोशनी वाले बिलबोर्ड्स को भी शाम 7 बजे बंद करने का आदेश दिया है। इसके अलावा बांग्लादेश में सजावटी लाइटिंग पर भी रोक लगाई गई है।
बांग्लादेश सरकार ने बिजली संकट के कारण आदेश में कहा है कि देशभर में जो भी व्यापार मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, वो भी रात 8 बजे तक खत्म होने चाहिए। खाने-पीने की दुकानों, अस्पतालों, दवा की दुकानों और जरूरी सेवाओं को इस बंदी से मुक्त रखा गया है। बांग्लादेश में बिजली की मांग 18500 मेगावाट से थोड़ी ज्यादा है। बांग्लादेश 33092 मेगावाट बिजली बना सकता है, लेकिन इसका आधा ही उत्पादन कर पा रहा है। इसकी वजह बीते तीन हफ्ते से होर्मुज के जरिए एलएनजी की सप्लाई का न आना है।
बांग्लादेश में बिजली उत्पादन के लिए एलएनजी का इस्तेमाल होता है। जिसका 65 फीसदी से ज्यादा आयात किया जाता है। ईरान और अमेरिका की तनातनी की वजह से होर्मुज होकर एलएनजी की सप्लाई नहीं आ रही है। इसी वजह से बांग्लादेश में बिजली की इतनी किल्लत है कि कई जगह 16 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। बांग्लादेश ने पहले भारत में अडानी से बिजली खरीदने का समझौता किया था। उसका पैसा भी पूरा नहीं चुकाया गया। नतीजे में भारत से भी बिजली निर्यात घटकर 1013 मेगावाट रह गया है। जबकि, पहले अडानी से बांग्लादेश हर दिन 1495 मेगावाट बिजली खरीदता था। बांग्लादेश के अखबार ‘न्यू एज’ ने बताया है कि वहां के पावर ग्रिड के आंकड़ों से पता चलता है कि अडानी से आधी ही बिजली मिल रही है। ये बिजली अडानी की कंपनी झारखंड के गोड्डा में बनाकर बांग्लादेश को सप्लाई करती है।
