इस पार्टी में हो सकते हैं शामिल, यूपी में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका, पूर्व विधायक ने दिया इस्तीफा
कानपुर: लगातार मची भगदड़ के बीच मजदूर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पूर्व विधायक गणेश दीक्षित ने भी कांग्रेस के ‘हाथ’ को झटका दिया है। उन्होंने सोमवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को अपना इस्तीफा भेज दिया। वह जेपी आंदोलन में प्रदेश के सह संयोजक रहे, जबकि आपातकाल में जेल काटी थी।
मंगलवार को वह भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इससे पहले पूर्व विधायक अजय कपूर समेत सैकड़ों कांग्रेसी भाजपाई हो चुके हैं। पूर्व विधायक गणेश दीक्षित ने बताया, मजदूर आंदोलन में सक्रियता के दौरान वर्ष 1988 में अस्थायी मजदूरों को निकाले जाने पर 107 घंटा तक जूही यार्ड के पास दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर ट्रैक में बैठ गए थे। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में 240 ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया था। आंदोलन वापस लेने के बाद मजदूर नेताओं को मिलने वाला केके पांडेय अवार्ड उन्हें दिया गया था।
तीन बार बंद कराया था कानपुर
तीन बार छात्रों की समस्या को लेकर कानपुर बंद कराया। मजदूर नेता जार्ज फर्नांडीज के करीबी बनकर प्रदेश में काम किया। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी ने कहा कि गणेश दीक्षित फायदे के लिए दल-बदल करते रहते हैं। उनको कहीं और कुछ नहीं मिलने वाला है। अपना ही सम्मान खो रहे हैं। वह अस्वस्थ हैं। उनके जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
NEWS SOURCE : jagran
