June 1, 2026

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कोवैक्सीन के दुष्प्रभाव वाली बीएचयू की रिपोर्ट पर आईसीएमआर ने भेजा नोटिस, मांगा जवाब

नई दिल्ली। कोरोना काल में लोगों को लगाई गई कोवैक्सीन के दुष्प्रभाव को लेकर बनारस हिंदू विश्विविद्यालय (बीएचयू) की ओर से बीते दिनों एक रिपोर्ट जारी की गई। अब इस मामले में नया विवाद शुरू हो गया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बीएचयू के वैज्ञानिकों के इस शोध पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। वहीं बीएचयू द्वारा मिली जानकारी के अनुसार अब उसकी तरफ से इस पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यों की कमेटी गठित की गई है। जांच कमेटी के सदस्यों से अगले 2 से 3 दिनों में इस मामले में उचित जवाब मांगा गया है।

आईसीएमआर महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा, आईसीएमआर को इस खराब डिजाइन वाले अध्ययन से नहीं जोड़ा जा सकता है। डॉ. राजीव बहल ने पत्र लिखकर कहा है कि इससे आईसीएमआर का नाम हटा दिया जाए और इस संबंध में शुद्धि-पत्र भी प्रकाशित किया जाए। दरअसल पिछले हफ्ते बीएचयू के जिरियाट्रिक और फार्मोकोलॉजी विभाग की तरफ से लोगों पर कोवैक्सीन टीके के दुष्प्रभाव के कुछ दावे किए गए थे। यह दावा ज़ीरियाट्रिक विभागाअध्यक्ष प्रोफेसर शुभ शंख चक्रवर्ती और फार्मोकोलॉजी विभाग से जुड़ी डॉक्टर उपिंदर कौर की तरफ से किया गया था। तभी से इस बात को लेकर चर्चा जारी है।

आपको बता दें इससे पहले कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने पिछले महीने ही ब्रिटेन की एक अदालत में इस बात को स्वीकार किया है कि इस वैक्सीन के कुछ घातक परिणाम सामने आ सकते हैं। एस्ट्राजेनेका ने कबूल किया कि कोविशील्ड वैक्सीन से थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (टीटीएस) जैसे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। टीटीएस सिंड्रोम की वजह से शरीर में खून के थक्के जमने लगते हैं या फिर बॉडी में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगते हैं। शरीर में खून के थक्के जमने की वजह से ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।