हाथरस के सत्संग में भगदड़ के बाद नारायण हरि उर्फ भोले बाबा फरार!, पैर छूने की होड़ में 100 से ज्यादा ने गंवाई जान!
हाथरस/मैनपुरी। हाथरस के सिकंदराराऊ में बाबा नारायण हरि उर्फ साकार विश्व हरि भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ से अब तक 121 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। 28 लोग घायल हैं। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। बताया जा रहा है कि तमाम लोगों की मौत इस वजह से हुई, क्योंकि वे गिरे और उनके नाक और मुंह में कीचड़ घुस जाने से दम घुट गया। इस बीच, हादसे के बाद भोले बाबा का कुछ अता-पता नहीं है।
ताजा जानकारी के मुताबिक मंगलवार को सिकंदराराऊ में हुई भगदड़ के बाद भोले बाबा मैनपुरी के बिछवां पहुंचे थे। वहां उनका राम कुटीर चैरिटेबल ट्रस्ट आश्रम है। देर शाम जब पुलिस इस आश्रम पहुंची, तो भोले बाबा वहां नहीं मिले। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में भगदड़ की घटना के तत्काल बाद इसकी जांच के आदेश दिए हैं। ये जांच रिपोर्ट आज सरकार को सौंपे जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा है कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वो कोई भी क्यों न हो। योगी ने कहा है कि ये हादसा है या साजिश, इसकी तह तक सरकार जाएगी। इस जांच में भोले बाबा से भी पूछताछ जरूरी है, लेकिन फिलहाल वो फरार हैं। अब पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
मीडिया की खबरों के मुताबिक हाथरस में हुई भगदड़ की वजह भक्तों में भोले बाबा के पैर छूने की होड़ रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सत्संग खत्म होने के बाद भोले बाबा अपनी कार में बैठकर निकल रहे थे। उसी समय भक्तों में उनके पैर छूने की होड़ लग गई। इसी आपाधापी में लोग गिरने लगे और फिर भगदड़ मच गई। गिरने वालों पर से होकर लोग आगे निकलने के लिए भागने लगे। हालांकि, जांच में ही पता चल सकेगा कि भगदड़ की असल वजह क्या रही। हाथरस के सिकंदराराऊ में जिस जगह हादसा हुआ, वहां 60 बीघा खेत में पंडाल लगा था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार भोले बाबा के करीब 2 लाख भक्त वहां जुटे थे।
