‘शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ जैसे पाकिस्तानी क्रिकेटर और अफसर ड्रग्स तस्करी के लिए भारत लाते थे’, गृह मंत्रालय के पूर्व अफसर का दावा
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी आरवीएस मणि आजकल तमाम दावे कर रहे हैं। मणि ने अब ये दावा किया है कि भारत दौरे पर जब पाकिस्तान की क्रिकेट टीम आती थी, तो कई पाकिस्तानी क्रिकेटर साथ में ड्रग्स लाकर तस्करी करते थे। आरवीएस मणि ने पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ का नाम भी लिया। जिनको ड्रग्स तस्करी के आरोप में पकड़ा जा चुका था। उस वक्त पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने शोएब पर 2 और आसिफ पर 1 साल का बैन भी लगाया था।
एएनआई से बातचीत में आरवीएस मणि ने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेटर ड्रग्स को खुद के इस्तेमाल के लिए नहीं, तस्करी के लिए लाते थे। भारत में ड्रग्स लाने में पाकिस्तान के अफसरों का हाथ होने का दावा भी आरवीएस मणि ने किया है। आरवीएस मणि ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि आतंकी हमले की 30 फीसदी फंडिंग ड्रग्स की तस्करी से की गई। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच रहे बॉब वूल्मर की संदिग्ध हालत में मौत का जिक्र कर इसे भी पाकिस्तानी क्रिकेटरों की ड्रग्स तस्करी से जोड़ा। वूल्मर 2007 के क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान होटल में मृत मिले थे। शुरुआती जांच में उनका गला घोटकर हत्या की बात सामने आई थी। बाद में जमैका पुलिस ने दिल का दौरा या बीमारी बताया था।
आरवीएस मणि ने इससे पहले दावा किया था कि कांग्रेस और पाकिस्तान की आईएसआई ने मिलकर मुंबई में 2008 में आतंकी हमला कराया। उन्होंने ये दावा किया था कि मुंबई आतंकी हमले को हिंदू आतंकवाद के तौर पर दिखाने की साजिश थी। गृह मंत्रालय के पूर्व अफसर के मुताबिक अगर मुंबई पुलिस के शहीद तुकाराम ओंबले ने अजमल आमिर कसाब को जिंदा न पकड़ा होता, तो मुंबई में हुए हमले में हिंदू हाथ दिखाया जाता। क्योंकि कसाब को कलावा पहनाया गया था। आरवीएस मणि ने इससे पहले आरोप लगाया था कि यूपीए सरकार के दौरान उनका उत्पीड़न किया जाता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई उन पर लगातार नजर रखती थी।
