April 26, 2026

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टीचर का हुआ ट्रांसफर तो 132 स्टूडेंट्स के पैरेंट्स ने अपने बच्चों का स्कूल से कटा दिया नाम और…

नई दिल्ली। गुरु और शिष्य का रिश्ता हमेशा से ही प्रेम, आदर और सम्मान का रहा है। अज्ञानता को दूर कर ज्ञान के प्रकाश को प्रज्ज्वलित करने वाला गुरु यानि शिक्षक ही होता है। यही कारण है कि गुरु को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है। आदिकाल में गुरु और शिष्य के बीच की कई कथाएं हमने सुनी हैं मगर कलयुग में गुरु और शिष्यों के बीच लगाव और प्रेम का एक ऐसा ताजा उदाहरण सामने आया है जैसा शायद ही पहले कभी हुआ हो।

तेलंगाना के पोनाकल गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले 53 वर्षीय एक शिक्षक जे श्रीनिवास का 1 जुलाई को तबादला कर दिया गया। श्रीनिवास को 3 किलोमीटर दूर अक्कापेल्लीगुडा गांव में नई ज्वाइनिंग दी गई। अपने चहेते टीचर के तबादले से विद्यार्थी उदास हो गए। पहले तो उन्होंने टीचर को जाने से रोकने के लिए स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया। लेकिन जब वो कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने ऐसी तरकीब निकाली जिसे सुनकर हर कोई टीचर के प्रति बच्चों की बॉन्डिंग की तारीफ कर रहा है।

टीचर के तबादले के बाद बच्चों ने अपने घर जाकर अपने माता-पिता को इस बारे में बताया और उन्हीं टीचर से पढ़ने की बात कही। इसके बाद श्रीनिवास के तबादले के दो दिन के अंदर उस स्कूल में पढ़ने वाले 250 बच्चों में से 132 स्टूडेंट्स का नाम उनके माता-पिता ने कटा दिया। इसके बाद उन बच्चों का एडमीशन उसी स्कूल में करा दिया जहां श्रीनिवास का तबादला हुआ है।

इस मामले में शिक्षक श्रीनिवास का कहना है कि मैंने सिर्फ अपनी क्षमतानुसार बच्चों को पढ़ाने का अपना कर्तव्य निभाया और बच्चों को मेरा पढ़ाना पसंद आया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी एस. यदय्या ने इसे अनोखी घटना बताते हुए कहा कि अक्सर छात्रों और शिक्षकों के बीच भावनात्मक लगाव हो जाता है लेकिन अपने टीचर के जाने से स्टूडेंट्स द्वारा स्कूल बदल लेना, ऐसा पहली बार सुना है।