April 26, 2026

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जो बाइडेन के हटने से अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में क्या पड़ेगा फर्क? कमला हैरिस के लिए आसान नहीं है राह

नई दिल्ली। जो बाइडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के बाद कई मायनों में अब चुनावी समीकरण बदल गए हैं। बाइडेन ने अपनी जगह उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन जरूर किया है लेकिन अभी डेमोक्रेटिक पार्टी की आधिकारिक प्रत्याशी चुने जाने के लिए हैरिस के सामने कई चुनौतियां हैं। वैसे तो जो बिडेन के बाद शीर्ष पद पर रहने के कारण कमला हैरिस राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार के लिए सबसे मजबूत दावेदार हैं मगर ऐसा कहा जा रहा है कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ अन्य लोग कमला हैरिस के नाम का समर्थन नहीं कर रहे हैं।

अब अगर कमला हैरिस के नाम पर एकराय नहीं बनती है तो डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा एक ओपन सम्मेलन कराया जाएगा। इसमें पार्टी प्रतिनिधि अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देंगे और जिसको सबसे ज्यादा वोट मिलेंगे वही राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार होगा। दूसरी तरफ, जो बाइडेन के नाम वापसी के बाद से उनके प्रतिद्वंद्वी और रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप काफी खुश नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने अपने हालिया बयान जरूर दिया है कि उनके लिए कमला हैरिस को हराना आसान होगा, लेकिन यदि हालिया सर्वे की बात करें तो ट्रंप के लिए यह उतना आसान नहीं है जितना लग रहा है।

हाल ही में कुछ दिन पहले कराए गए रॉयटर्स/इप्सोस पोल के सर्वे में कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रम्प दोनों 44% समर्थन के साथ बराबरी पर थे। ट्रंप को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए 44 प्रतिशत लोगों ने समर्थन दिया था वहीं 44 फीसदी लोगों का कहना था कि अगर कमला हैरिस को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया जाता है तो वो संतुष्ट होंगे। इसी सर्वेक्षण में, 29 प्रतिशत डेमोक्रेट और डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ झुकाव वाले लोगों ने बाइडन के हटने के बाद कमला हैरिस को अपनी पसंद बताया था।