नीतीश कुमार की जेडीयू ने वक्फ एक्ट संशोधन बिल का किया समर्थन, ललन सिंह ने विपक्ष को निशाना बनाया और पूछे तीखे सवाल
नई दिल्ली। मोदी सरकार के संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ एक्ट संशोधन बिल पेश कर दिया। इसी के साथ विपक्ष को उस वक्त झटका लगा, जब सरकार की सहयोगी पार्टी नीतीश कुमार की जेडीयू ने वक्फ एक्ट का समर्थन कर दिया। जेडीयू ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि ये बिल पारदर्शिता के लिए है और ऐसा होना चाहिए।
ललन सिंह बोले- सिखों का कत्लेआम किसने किया?
जेडीयू की तरफ से वक्फ एक्ट संशोधन बिल को समर्थन देने खड़े हुए केंद्रीय मंत्री और नीतीश कुमार के करीबी ललन सिंह ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने वक्फ एक्ट संशोधन बिल को मुस्लिम विरोधी मानने से इनकार कर दिया। ललन सिंह ने कहा कि कोई भी संस्था जब निरंकुश होगी, तो सरकार उस पर अंकुश लगाने और पारदर्शिता लाने के लिए कानून बनाएगी। ललन सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ये मंदिर की बात करते हैं। मंदिर की बात कहां से आ गई। ललन सिंह ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए ये भी कहा कि ये अल्पसंख्यकों की बात करते हैं, सिखों का कत्लेआम किसने किया था?
-कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने वक्फ एक्ट संशोधन बिल के खिलाफ कहा कि ये संविधान से मिले धार्मिक स्वतंत्रता के हक का उल्लंघन है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अयोध्या के मंदिर कमेटी में किसी गैर हिंदू को रखा गया। उन्होंने इसे समाज को बांटने वाला कहा।
-यूपी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह ने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में भी लिखा है कि सिर्फ सिख सदस्य होगा। फिर मुस्लिमों से अन्याय क्यों। उन्होंने कहा कि हम बड़ी गलती करने जा रहे हैं। जिसका खामियाजा सदियों तक भुगतते रहेंगे।
-डीएमके की कनिमोझी ने कहा कि ये बिल खास तौर पर एक धार्मिक ग्रुप को टार्गेट करता है। ये बिल पूरी तरह मुस्लिमों के खिलाफ है।
-कांग्रेस के इमरान मसूद ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि इससे संविधान की धज्जियां उड़ाने का काम किया जा रहा है।
