वक्फ बहाना है, मुस्लिम वोट बैंक को भड़काना है, इंडी गठबंधन के सांसदों पर बीजेपी का पलटवार
नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा आज लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पेश किया गया। जिसके बाद सदन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत इंडी गठबंधन के सांसदों ने इसका विरोध करते हुए जबर्दस्त हंगामा किया। विपक्षी सांसदों द्वारा वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए संसद में दिए बयान पर अब बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, एक बात तो तय है कि वक्फ बहाना है, मुस्लिम वोट बैंक को भड़काना है।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि जैसे नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) कानून का विरोध करते हुए इंडी गठबंधन के नेताओं ने भ्रम फैलाया था कि इससे नागरिकता चली जाएगी अब उसी तरह से वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को लेकर भी झूठ फैलाया जा रहा है कि इससे जमीनें छिन जाएंगी। वक्फ बोर्ड में संशोधन मुस्लिम बुद्धिजीवी समाज के कई लोगों की पैरवी के बाद ही लाया जा रहा है। वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक सुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता का समर्थक है। इसमें महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा। अब सवाल ये है कि क्या इंडी गठबंधन जमीन हड़पने वालों के साथ खड़ा है और गरीब मुसलमानों के खिलाफ है?
तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस के द्वारा वक्फ बोर्ड को असीमित ताकतें दी गई हैं। वक्फ चाहे तो किसी भी जमीन यहां तक कि पूरे गांव पर दावा कर सकता है, फिर संबंधित लोगों को अपनी ही जमीन पर मालिकाना हक साबित करने के लिए परेशान होना पड़ता है। वक्फ बोर्ड जैसे अधिकार क्या हिंदू, ईसाई, पारसी या जैन किसी भी समाज को दिए गए हैं तो यह संविधान के साथ कैसे हैं? आज वक्फ के पास 9 लाख एकड़ से ज्यादा भूसंपत्ति है लेकिन आमदनी 200 करोड़ से कम है, इसका मतलब है कि गरीब मुसलमानों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। संशोधन विधेयक पास होने के बाद गरीब मुस्लिम लाभांवित होंगे। इंडी गठबंधन के नेता भूमाफियाओं के के साथ देते हुए गरीब मुसलमानों पर कुठाराघात कर रहे हैं।
