अब भारत जब बोलता है तो दुनिया कान खोलकर सुनती है, अमेरिका में गरजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
नई दिल्ली। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी 4 दिवसीय अमेरिका यात्रा के दौरान आज वाशिंगटन डी.सी. में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। राजनाथ ने कहा, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का कद बढ़ा है। पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की बातों को जिस गंभीरता से लिया जाना चाहिए उस गंभीरता के साथ नहीं लिया जाता था, लेकिन आज जब भारत बोलता है तो सारी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है। भारत अब दुनिया का ताकतवर देश बन गया है।
रक्षा मंत्री ने कहा जहां जक देश की अर्थव्यवस्था का सवाल है 2027 आते-आते भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता है। इस वक्त भारत दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है। कोरोना काल के दौरान अमेरिका जो सबसे ताकतवर देश है, यहां भी समस्या पैदा हुई होगी। भारत में भी हुई लेकिन उसका मुकाबला हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से किया है उसकी जितनी भी सराहना की जाए वो कम है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि धोखा हमारे चरित्र में नहीं है। हमें धोखा दिया जा सकता है, लेकिन हम दूसरों को कभी धोखा नहीं दे सकते। ये वो संदेश है जो दुनिया को जाना चाहिए। भारत वो देश है, जिसने पूरी दुनिया को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश दिया। हमारे देश में रहने वाले लोग ही हमारे परिवार के सदस्य नहीं हैं, बल्कि दुनिया में रहने वाले सभी लोग, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म या समुदाय के हों, एक ही परिवार के सदस्य हैं। ‘संपूर्ण विश्व एक परिवार है’, यह संदेश देने वाला यदि कोई देश है तो वह केवल भारत है। हर कोई ऐसा नहीं कर सकता, केवल एक आध्यात्मिक देश ही ऐसा कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक सहयोगी हैं। मेरा मानना है कि भारत और अमेरिका में दुनिया में शांति, समृद्धि और स्थिरता लाने की ताकत है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी आज भारत नए आयाम गढ़ रहा है। पहले भारत सभी रक्षा उपकरण आयात करता था। जब नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने तो उसम देश का रक्षा निर्यात 600 करोड़ रुपये था, अब 10 साल बाद यह 23,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। टारगेट को एचीव करने के लिए इच्छा शक्ति और बेहतर प्लानिंग दोनों का ही होना बहुत जरूरी है। अब हमने 5 हजार से ज्यादा उत्पादों की एक लिस्ट बनाई है और यह तय किया गया है कि इन उत्पादों को किसी भी सूरत में दुनिया के देशों से आयात नहीं करेंगे बल्कि ये सभी उत्पाद भारत में ही बनाए जाएंगे और इस पर काम शुरू भी हो गया है।
