कनाडा में अब प्रवासियों को मुश्किल से मिलेगी नौकरी, प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के एक फैसले से भारतीयों को झटका
नई दिल्ली। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक आदेश जारी किया है जिसका सीधा असर भारतीयों पर पड़ने वाला है। दरअसल ट्रूडो ने कनाडा में अस्थाई नौकरी में विदेशियों की संख्या को कम करने का ऐलान किया है ताकि देश के मूल निवासियों को नौकरी के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिल सकें। जस्टिन ट्रूडो ने सोशल मीडिया पोस्ट पर अपने इस आदेश के बारे में लिखा, हम कनाडा में कम वेतन वाले, अस्थायी विदेशी कर्मचारियों की संख्या कम कर रहे हैं। श्रम बाज़ार में काफी बदलाव आ गया है। अब हमारे व्यवसायों के लिए कनाडाई श्रमिकों और युवाओं में को ज्यादा से ज्यादा नौकरी दिए जाने का समय है।
ट्रूडो के इस आदेश से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित होने वाले हैं क्योंकि कनाडा में रहने वाले विदेशी नागरिकों में सर्वाधिक भारतीय सिख हैं। नए नियमों के मुताबिक कम वेतन वाली अस्थाई नौकरियों के लिए परमिट को दो साल से घटाकर अब सिर्फ एक साल के लिए जारी किया जाएगा। हालांकि कृषि, स्वास्थ्य और निर्माण क्षेत्रों में इस नियम से छूट मिलेगी। ऐसी जगहों पर जहां बेरोजगारी दर छह फीसदी या फिर उससे अधिक है, वहां पर कम वेतन वाली अस्थाई नौकरियों में सिर्फ देश के मूल निवासियों को ही काम दिया जाएगा किसी विदेशी को यहां काम करने की पाबंदी होगी।
आपको बता दें कि कोरोना काल के बाद इमिग्रेशन नियमों में छूट के बाद कनाडा में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक नौकरी के लिहाज से पहुंचे। नौकरियों में विदेशी नागरिकों की बढ़ती संख्या को कनाडा के विशेषज्ञ देश के मूल निवासियों के लिए रोजगार के घटते अवसर के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं। इस संबंध में कनाडा के इमिग्रेशन मिनिस्टर मार्क मिलर ने हाल ही में कहा था कि इमिग्रेशन संबंधी नियम कनाडा के मूल निवासियों के लिहाज से बनाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि इसके लिए जल्द जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
