May 31, 2026

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‘अगर भारत ने नहीं किया शेख हसीना का प्रत्यर्पण तो..’ BNP महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा?

नई दिल्ली। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने हाल ही में भारत और बांग्लादेश के संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों को सुधारने और एक नए अध्याय की शुरुआत करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का प्रत्यर्पण जरूरी है। आलमगीर का मानना है कि हसीना की भारत में उपस्थिति से दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय संबंधों में और खटास आ सकती है। बीएनपी महासचिव ने एक इंटरव्यू में यह भी कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वह अवामी लीग शासन के दौरान हुए विवादास्पद अडानी बिजली समझौते की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि इस समझौते ने बांग्लादेश के लोगों पर “तबाही भरा दबाव” बढ़ा दिया है और इस पर पुनर्विचार जरूरी है।

भारत से सहयोग की अपील

बीएनपी के वरिष्ठ नेता आलमगीर ने भारत के साथ मजबूत संबंधों की इच्छा जताई और कहा कि उनकी पार्टी “पिछले मतभेदों को पीछे छोड़कर सहयोगी” रवैया अपनाने के लिए तैयार है। उन्होंने भारत को आश्वस्त किया कि बीएनपी बांग्लादेश की धरती पर भारत की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी तरह की गतिविधियों की इजाजत नहीं देगी।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बांग्लादेश का आंतरिक मामला

आलमगीर ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को बांग्लादेश का “आंतरिक मामला” बताते हुए कहा कि हिंदुओं पर हमलों की रिपोर्टें “निश्चित रूप से गलत” हैं, क्योंकि अधिकांश घटनाएं राजनीतिक रूप से प्रेरित होती हैं। मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि शेख हसीना का प्रत्यर्पण नहीं करने से भारत-बांग्लादेश संबंधों में और भी खटास आ सकती है। उन्होंने कहा, “भारत को शेख हसीना को बांग्लादेश वापस लाने का प्रबंध करना चाहिए ताकि बांग्लादेशी लोगों की भावनाओं का सम्मान हो सके।”’

उन्होंने भारत की बांग्लादेश कूटनीति की आलोचना करते हुए कहा कि भारत को बांग्लादेश के लोगों और अन्य के साथ संबंध स्थापित करने की जरूरत है, न कि सिर्फ अवामी लीग के साथ। आलमगीर ने जोर देकर कहा कि बीएनपी सत्ता में आने पर भारत के साथ मजबूत संबंध बनाने और पिछले मतभेदों को सुलझाने की कोशिश करेगी।

“शेख हसीना और अवामी लीग आलोचना के योग्य”

बीएनपी नेता ने कहा कि शेख हसीना और अवामी लीग दोनों ही बांग्लादेश में आलोचना के योग्य हैं, और उनका समर्थन करने से भारत की छवि और बिगड़ेगी। उन्होंने कहा, “मौजूदा हालात में अगर भारत ने शेख हसीना को समर्थन दिया, तो इससे सिर्फ भारत के प्रति बांग्लादेश में नाराजगी बढ़ेगी।”

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