चंद्रयान-4 मिशन का होगा विस्तार, आईआईएम-आईआईटी की तर्ज पर बनाया जाएगा नया संस्थान
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चंद्रयान-4 मिशन के विस्तार को अप्रूवल दिया गया है। इसके अलावा आईआईएम-आईआईटी की तर्ज पर देश में एक नया संस्थान बनाने का भी निर्णय लिया गया है। देश के किसानों की आय बढ़ाने से संबंधित एक नई योजना को भी मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोदी कैबिनेट के फैसलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साइंस और टेक्नोलॉजी हमारी आर्थिक व्यवस्था और देश के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए चंद्रयान-4 मिशन के विस्तार को अप्रूवल दिया गया है। इसमें नए एलिमेंट्स जोड़े गए हैं। अगला कदम चंद्रमा पर मानवयुक्त मिशन को पहुंचाना है। इसके लिए सभी प्रारंभिक कदमों को मंजूरी दे दी गई है। वीनस ऑबिटर मिशन का भी आज अप्रूवल हुआ है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वैज्ञानिक अन्वेषण और शुक्र के वायुमंडल, भूविज्ञान की बेहतर समझ और इसके घने वातावरण में बड़ी मात्रा में वैज्ञानिक डेटा उत्पन्न करने के लिए वीनस-वीनस ऑर्बिटर मिशन (वीओएम) को मंजूरी दे दी है। गगनयान फॉलो-ऑन और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन तथा अगली पीढ़ी के लॉन्च वाहन विकास को भी मंजूरी दी गई।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आज क्रिएटर इकोनॉमी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन रही है। हम आईआईएम और आईआईटी की तर्ज पर एक नया संस्थान बना रहे हैं जिसका औपचारिक नाम बाद में दिया जाएगा लेकिन संभवत: इसका नाम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इमर्सिव क्रिएटर्स रखा जाएगा। इसके पीछे एक बहुत बड़ी विचार प्रक्रिया है-अपने आईपी अधिकारों के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत का उपयोग करके नई रचनात्मक संपत्तियां बनाना और प्रौद्योगिकी में नेतृत्व करना।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में एनडीए सरकार की कैबिनेट ने किसानों को लाभ पहुंचाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए एक के बाद एक नए प्रोग्राम को मंजूरी दी है। आज एनपीके उर्वरकों के लिए 24,475 करोड़ रुपए की सब्सिडी आवंटित की गई है। अब किसानों पर से वित्तीय बोझ कम होंगे। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 79,156 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान नामक एक नए कार्यक्रम को भी मंजूरी दे दी है।
