अब आसियान देशों पर चीन की दादागीरी रोकने मैदान में उतरे पीएम मोदी, क्वॉड के जरिए होगा ये काम
विएंतिएन। चीन के लिए नई मुश्किल खड़ी हो सकती है। दक्षिणी चीन सागर और एशिया में चीन की दादागीरी पर लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने आसियान देशों के शिखर सम्मेलन में क्वॉड देशों और उसके बीच सहयोग बढ़ाने की बात की है। मोदी ने आसियान देशों के शिखर बैठक में ये भी कहा कि इंडो-पैसिफिक यानी भारत-प्रशांत क्षेत्र में नया सिस्टम बनाया जाए। आसियान के तमाम देश ऐसे हैं, जिनका चीन से विवाद है। इनमें फिलीपींस, वियतनाम और जापान शामिल हैं। वहीं, चीन की कब्जे वाली नीति का सामना करने के लिए भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने क्वॉड गुट बना रखा है। अगर क्वॉड और आसियान देशों के बीच सहयोग बढ़ा, तो इससे चीन को अपनी विस्तारवादी नीति जारी रखने में बहुत मुश्किल होगी।
मोदी ने लाओस के विएंतिएन में आसियान की बैठक में ये प्रस्ताव दिए। चीन पहले ही क्वॉड का विरोध करता रहा है। क्वॉड देशों और आसियान देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर पीएम मोदी का जोर दिया जाना ये साबित करता है कि चीन को घेरने के लिए वो नई कूटनीति पर काम कर रहे हैं। खास बात ये है कि पीएम मोदी पिछले दिनों ही क्वॉड देशों की बैठक में हिस्सा लेने अमेरिका गए थे। अब लाओस जाकर क्वॉड और आसियान के बीच सहयोग और नया सिस्टम बनाने का जो प्रस्ताव उन्होंने दिया है, उससे साफ है कि अमेरिका दौरे के वक्त चारों देशों के बीच इस मामले में चर्चा हुई होगी। अगर क्वॉड और आसियान के बीच सहयोग का फैसला होता है, तो इससे दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में नई हलचल देखने को मिल सकती है।
आसियान के ज्यादातर देश दक्षिणी चीन सागर में हैं। वहीं, चीन लगातार दक्षिणी चीन सागर पर अपना दावा ठोके हुए है। चीन की तरफ से पूरे दक्षिणी चीन सागर को अपना बताने के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने भी फैसला सुनाया था, लेकिन चीन ने फैसले को नहीं माना। वियतनाम और फिलीपींस के जहाजों को रोकने और उनको इलाके से भगाने के लिए चीन हाल के दिनों में सुर्खियों में रहा है। आसियान के कई देशों मसलन फिलीपींस और वियतनाम को हथियार बेचकर भारत ने उनको मजबूत करने की कोशिश की है, लेकिन चीन की सेना के सामने इन देशों की ताकत अब भी काफी कम है। ऐसे में क्वॉड देशों का साथ लेकर आसियान के देश चीन की तरफ से लगातार बढ़ रहे खतरे का प्रभावी तौर पर सामना कर सकते हैं।
