सपा सांसद रामगोपाल यादव ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के बारे में दिया आपत्तिजनक बयान, बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन पर साधा निशाना
मैनपुरी। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद और अखिलेश यादव के चाचा रामगोपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के बारे में आपत्तिजनक और अशोभनीय बयान दिया है। दरअसल, चीफ जस्टिस ने कहा था कि राम मंदिर-बाबरी मस्जिद पर फैसले से पहले वो कुछ तय नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने भगवान से प्रार्थना की और फिर सही फैसला लिया। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के इसी बयान पर रामगोपाल यादव ने भड़कते हुए कहा कि जब भूतों को जिंदा करते हो, मुर्दों को, तो भूत बन जाते हैं और जनता के पीछे पड़ जाते हैं। इसके तुरंत बाद रामगोपाल यादव ने चीफ जस्टिस के बारे में अशोभनीय बयान दिया।
रामगोपाल यादव के बयान के बारे में अखिलेश यादव से पूछे जाने पर उन्होंने मीडिया से कहा कि अभी ये पता नहीं है कि सपा के नेता ने क्या बयान दिया है। अखिलेश यादव ने साथ ही कहा कि हम लोग सुप्रीम कोर्ट और चीफ जस्टिस का बहुत सम्मान करते हैं। वहीं, बीजेपी ने रामगोपाल यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पूरे विपक्षी गठबंधन के बारे में कहा कि चीफ जस्टिस पर टिप्पणी करना संविधान का अपमान है। प्रदीप भंडारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से लेकर चुनाव आयोग तक विपक्ष का इंडी गठबंधन संवैधानिक संस्थाओं से चिढ़ता है।
राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान बेंच ने अयोध्या में विवादित जगह राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया था। उस बेंच के प्रमुख तत्कालीन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई थे। जबकि, मौजूदा चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी राम मंदिर के बारे में फैसला सुनाने वाली बेंच में शामिल थे। डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को ही गोवा में एक कार्यक्रम में कहा था कि कुछ लोग अपने पक्ष में फैसला आने पर सुप्रीम कोर्ट की वाहवाही करते हैं और विरोध में फैसला आने पर आलोचना करने लगते हैं। अब रामगोपाल यादव की जुबान से चीफ जस्टिस के बारे में अशोभनीय शब्द निकलने का मामला और तूल पकड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ महाराष्ट्र के हैं और इसी राज्य में 20 नवंबर को विधानसभा के चुनाव भी होने हैं।
