दिवाली पर वाराणसी में दिखी एकता की मिसाल, मुस्लिम महिलाओं ने उतारी भगवान श्रीराम और माता सीता की आरती
नई दिल्ली। दीपावली के पावन पर्व पर वाराणसी में भाईचारे की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। यहां मुस्लिम महिलाओं ने हिंदू महिलाओं के साथ मिलकर भगवान श्रीराम की आरती उतारी। शहर के लमही स्थित सुभाष भवन में बड़ी संख्या में एकत्रित मुस्लिम महिलाओं ने श्रीराम और माता सीता की आरती उतारी। मुस्लिम महिला फाउंडेशन की ओर से हर साल दिवाली पर रंगोली बनाई जाती है और भगवान श्रीराम और माता सीता की प्रतिमा को फूलों से सजाकर आरती उतारी जाती है। इस दौरान महिलाएं उर्दू में लिखी आरती का पाठ करती हैं।
इस बारे में जानकारी देते हुए बीएचयू के प्रोफेसर डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि साल 2006 में वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में हुए बम विस्फोट के बाद से, भगवान राम की आरती करने की परम्परा मुस्लिम महिलाओं द्वारा निभाई जा रही है। जहां आतंकवादियों ने मंदिर में बम ब्लास्ट करके हिंदू और मुस्लिमों के बीच विवाद खड़ा करने की कोशिश की थी, वहीं मुस्लिम महिला फाउंडेशन द्वारा हिंदू मुस्लिए एकता के उद्देश्य से हर साल दिवाली पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।
मुस्लिम महिला फाउंडेशन की पदाधिकारी नाजनीन अंसारी का कहना है कि हमें बहुत खुशी है कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार अयोध्या में दिवाली मनाई जा रही है और हम भी इस खुशी का जश्न मना रहे हैं। जैसा कि हम पिछले 17 दिनों से मनाते आ रहे हैं। इस साल हम फिर से हिंदू बहनों के साथ भगवान राम की आरती कर रहे हैं।
वहीं, पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास ने कहा कि हर दिवाली मुस्लिम महिलाएं भगवान राम की आरती करके एकता का संदेश देती हैं। उनका कहना है कि भगवान राम हमारे पूर्वज हैं और हम उनकी आराधना करते हैं। इस कार्यक्रम में माध्यम से कट्टरता को खत्म करके भगवान राम के आदर्शों पर चलने की सीख दी जाती है।
