लालकिला कार ब्लास्ट में इस्तेमाल बम एआई और यूट्यूब वीडियो की मदद से बनाया गया था, एनआईए की चार्जशीट में और भी कई हैरतअंगेज खुलासे
नई दिल्ली। 10 नवंबर 2025 की शाम दिल्ली के लालकिला के पास कार बम धमाका मामले में एनआईए ने कोर्ट में 7500 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में एनआईए ने कई हैरतअंगेज खुलासे किए हैं। एनआईए ने दावा किया है कि आरोपियों ने बम बनाने में एआई टूल चैटजीपीटी और यूट्यूब वीडियो से मदद ली। एनआईए ने चार्जशीट में ये दावा भी किया है कि आरोपियों ने रॉकेट तकनीक पर आधारित आईईडी भी बनाए थे। जिनका परीक्षण जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड स्थित जंगलों में किया गया। अमर उजाला अखबार ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि एनआईए ने चार्जशीट में बताया है कि आरोपियों ने लैब का इस्तेमाल कर आईईडी बनाए और उनका इस्तेमाल किया।
एनआईए ने लालकिला कार बम धमाका मामले की चार्जशीट में जसीर बिलाल वानी का नाम भी जोड़ा है। जो अल-कायदा से जुड़े अंसार गजवत-उल-हिंद के अंतरिम आतंकी मॉड्यूल के इन हाउस इंजीनियर के तौर पर काम कर रहा था। एनआईए को जांच में पता चला कि जसीर बम बनाने में तकनीकी मदद देने के लिए साल 2024 और 2025 में दो से तीन बार फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी जाकर रुका था। एनआईए ने चार्जशीट में कहा है कि लालकिला बम धमाका मामले में शामिल अल-फलाह के डॉक्टरों के साथ साजिश में शामिल जम्मू-कश्मीर के डॉक्टर अदील अहमद राथर ने जसीर बिलाल वानी का परिचय डॉक्टर उमर उन नबी से कराया था। उमर उन नबी लालकिला कार बम धमाके में मारा गया था।
अदील ने जसीर को पोटेशियम नाइट्रेड और आईईडी बनाने के दूसरे सामान मुहैया कराए। जसीर ने चैटजीपीटी और यूट्यूब वीडियो की मदद से रॉकेट बनाने और उसके लिए ईंधन में इस्तेमाल होने वाली चीजों का अनुपात जाना। एनआईए के मुताबिक जसीर ने बम निरोधक दस्ते के विशेषज्ञों के सामने दिखाया कि बाजार में आसानी से मिलने वाली चीजों से किस तरह रॉकेट आधारित आईईडी बनाई जा सकती है। जांच में पता चला कि जसीर ने दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच फ्लिपकार्ट से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मंगाए। इनकी खरीद का पैसा उमर उन नबी ने दिया था। फिर जसीर ने उपकरणों को जोड़कर उमर को दिया। जिसे बम में ट्रिगर की तरह इस्तेमाल किया गया। कई रॉकेट आईईडी का परीक्षण उमर, जसीर, डॉक्टर मुजम्मिल शकील और अन्य आरोपियों के साथ काजीगुंड के जंगलों में किया गया। एनआईए ने जसीर से मिली जानकारी के बाद जंगल से आईईडी वाले उपकरणों के हिस्से बरामद किए हैं। ये लोग ड्रोन और सिलेंडर आधारित आईईडी से भी हमले की साजिश रच रहे थे। जिनका परीक्षण भी किया था।
