संभल सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने खटखटाया इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा, एफआईआर खारिज करने की मांग
नई दिल्ली। संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को अब गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करने की मांग की है। संभल हिंसा मामले में पुलिस ने सांसद बर्क के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस का आरोप है कि सपा सांसद के भड़काऊ भाषण की वजह से ही लोग उग्र हो गए जिसके चलते हिंसा हुई। वहीं, सपा सांसद का कहना है कि जिस दिन हिंसा हुई वो उस समय बेंगलुरु में थे। अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को बर्क ने राजनीतिक साजिश करार दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर याचिका में सांसद बर्क की ओर से कहा गया है कि वो एक पढ़े लिखे व्यक्ति और इस सांप्रदायिक हिंसा से उनका कोई लेना देना नहीं है। इस हिंसा में पुलिस ने स्थानीय विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में अलग-अलग 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। आपको बता दें कि 24 नवम्बर को संभल जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए एएसआई की टीम पहुंची थी। तभी वहां मुस्लिम समाज के लोगों का गुस्सा भड़क गया और देखते ही देखते भारी हिंसा हो गई।
इस भयानक हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि सीओ के पैर में गोली लगी थी और एसडीएम के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। हिंसा के बाद से संभल पुलिस लगातार वहां सर्च अभियान चला रही है। हाल ही में सपा सांसद बर्क के मोहल्ले में 46 सालों से बंद पड़े एक मंदिर का ताला पुलिस ने खुलवाया है और प्राचीन कुआं जिसको पाट दिया गया था उसे भी कब्जा मुक्त कराया। सीएम योगी ने दो दिन पहले ही विधानसभा में कहा है कि संभल हिंसा का कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा, एक-एक को उसके किए की सजा मिलेगी।
