June 30, 2026

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पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को लेकर हंगामा, पुलिस ने कर दिया लाठीचार्ज

नई दिल्ली। यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को लेकर मध्य प्रदेश के पीथमपुर में विरोध प्रदर्शन ने बड़ा रूप ले लिया है। हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।भोपाल गैस त्रासदी के करीब 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड कारखाने का 337 टन जहरीला कचरा गुरुवार सुबह इंदौर के पास स्थित पीथमपुर की इंडस्ट्रियल वेस्ट डिपोजिट यूनिट में पहुंचाया गया। यह कचरा सीलबंद कंटेनरों में ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के जरिए लाया गया था।

नागरिकों का विरोध

पीथमपुर और आसपास के इलाकों के लोगों ने इस कचरे को यहां लाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जहरीले कचरे के निपटान से इंसानों और पर्यावरण पर खतरनाक प्रभाव पड़ सकता है। पीथमपुर में 1.75 लाख की आबादी रहती है और यह स्थान इंदौर से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। नागरिकों की मांग है कि इस कचरे के निपटान की व्यवस्था कहीं और की जाए। इसके विरोध में पीथमपुर में बंद का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

सरकार का आश्वासन, पर विरोध जारी

मध्य प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि जहरीले कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए पूरी तैयारी की गई है। प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि यह प्रक्रिया उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं होगी। लेकिन जनता इन आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है और कचरे को अन्यत्र ले जाने की मांग पर अड़ी हुई है।

हाई कोर्ट का निर्देश

गौरतलब है कि 1984 की भोपाल गैस त्रासदी में यूनियन कार्बाइड के संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस के रिसाव से 5479 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग अपंग हो गए थे। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 3 दिसंबर 2024 को कचरे को हटाने के लिए सरकार को 4 हफ्ते का समय दिया था। कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि समय सीमा के अंदर निर्देश का पालन न करने पर अवमानना की कार्यवाही की जाएगी।

आगे क्या?

प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए पीथमपुर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।