April 18, 2026

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अवैध प्रवासियों को तलाशने अमेरिका के गुरुद्वारों में घुसी पुलिस, विरोध में सिख संगठन

वॉशिंगटन। अमेरिका में होमलैंड सिक्योरिटी और पुलिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद देश में अवैध घुसपैठियों की पहचान और उनको वापस भेजने का काम शुरू किया है। इसी मामले में अब बड़ा विवाद खड़ा होता दिख रहा है। दरअसल, अमेरिका में न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी की पुलिस और होमलैंड सिक्योरिटी के अफसर अवैध प्रवासियों की तलाश में गुरुद्वारा पहुंच गए और छानबीन की। इससे सिख संगठन भड़क गया है। सिख अमेरिकन लीगल डिफेंस एंड एजुकेशन फंड यानी एसएएलडीएफ ने कहा कि नीति बदलकर पूजा स्थलों जैसे संवेदनशील जगहों को भी अवैध प्रवासियों की तलाश के लिए चिन्हित किया गया है। सिख संगठन की कार्यकारी निदेशक किरण कौर गिल ने कहा कि होमलैंड सिक्योरिटी की तरफ से संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा खत्म करने और गुरुद्वारों जैसे पूजा स्थलों को निशाना बनाने के फैसले से चिंतित हैं।

पहले अमेरिका के पूजा स्थलों पर पुलिस की कोई भी कार्रवाई प्रतिबंधित थी। होमलैंड सिक्योरिटी के प्रवक्ता ने कहा है कि अब कोई भी अपराधी बचने के लिए अमेरिका के स्कूलों और धार्मिक स्थलों में नहीं छिप पाएगा। इस प्रवक्ता ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन कानून का प्रवर्तन कराने वाले अमेरिका के बहादुर अफसरों के हाथ न बांधकर उनकी ओर से की गई सभी कार्रवाई पर भरोसा जताएगा। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में घुसपैठ करने वाले एक-एक अवैध प्रवासी को निकालने का एलान कर रखा है। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद दो विमानों में सैकड़ों अवैध प्रवासियों को अल सल्वाडोर रवाना किया गया। वहीं, जब विमान में बिठाकर अवैध प्रवासियों को कोलंबिया भेजा गया, तो वहां के राष्ट्रपति ने इनको लेने से इनकार किया। जिसके बाद ट्रंप ने कोलंबिया पर वीजा प्रतिबंध और टैरिफ लगा दिया। इसके बाद कोलंबिया ने यू-टर्न लेते हुए अवैध प्रवासियों को वापस लेने का फैसला किया।

अमेरिका में अवैध प्रवासियों में भारतीयों की संख्या तीसरी है। अमेरिका के अप्रवास और कस्टम संबंधी विभाग के मुताबिक वहां 2467 भारतीय डिटेंशन कैंप में हैं। वहीं, 17940 के पास अमेरिका आने का कोई भी वैध दस्तावेज नहीं है। अमेरिका की सरकार ने साल 2024 में 1529 भारतीयों को अवैध प्रवासी होने के नाते वापस भी भेजा था। अमेरिका में अवैध प्रवास करने वालों में पहले स्थान पर पड़ोसी देश मेक्सिको के नागरिक हैं। वहीं, दूसरे स्थान पर अल सल्वाडोर के लोग हैं।