ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से दिया इस्तीफा
नई दिल्ली। ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे दिया है। इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर ममता कुलकर्णी ने इस बात की घोषणा की। उन्होंने कहा, मेरे महामंडलेश्वर बनने पर सवाल उठाए जा रहे हैं, किन्नर अखाड़े या दोनों अखाड़ों में मुझे लेकर समस्याएं हो रही हैं, जिसके चलते मैं महामंडलेश्वर यामाई ममता नंद गिरि किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे रही हूं। ममता ने इसी के साथ यह भी कहा कि वो 25 साल से साध्वी हैं और आगे भी साध्वी ही रहूंगी। ममता प्रयागराज महाकुंभ में किन्नर अखाड़े में शामिल हुई थीं जिसके बाद उन्हें महामंडलेश्वर बनाया गया था।
ममता कुलकर्णी ने अपने इंस्टा वीडियो मैसेज में कहा, मेरे गुरु जिनके सानिध्य में रहकर मैंने घोर तपस्या की है, मुझे उनके समान कोई नहीं दिखता है। मुझे कैलाश या मनसरोवर जाने की आवश्यकता नहीं है। जिन लोगों को मुझसे आपत्ति है, उनके बारे में मैं कम बोलूं, यही बेहतर होगा। ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने का शंकराचार्य समेत स्वामी रामदेव और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने भी विरोध किया था। इतना ही नहीं किन्नर अखाड़े में भी इस बात को लेकर जबर्दस्त बवाल हुआ और उसमें दो धड़े बंट गए।
किन्नर अखाड़े का एक धड़ा ममता कुलकर्णी के समर्थन में है जबकि दूसरा धड़ा उनका विरोध कर रहा है। इससे पहले किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद से हटाते हुए उनको अखाड़े से भी बाहर कर दिया था। इतना ही नहीं ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े में शामिल कर उनको महामंडलेश्वर की पदवी देने वाली महामंडलेश्वर आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी किन्नर अखाड़े से बाहर किया गया था और उनसे भी महामंडलेश्वर पद छीन लिया गया था। इस बात को लेकर भी किन्नर अखाड़े में विवाद हुआ जिसके बाद अखाड़े में दो फाड़ हो गई।
