बांग्लादेश में क्या फिर होगा तख्तापलट? आर्मी चीफ वकार-उज-जमान ने राजनीतिक दलों से क्यों जताई नाराजगी?
नई दिल्ली। बांग्लादेश में पिछले साल अप्रैल में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से अब तक वहां के हालात सामान्य नहीं हुए हैं। इस बीच बांग्लादेश के आर्मी चीफ वकार-उज-जमान ने एक ऐसा बयान दिया है जिसको लेकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूनुस सरकार में सब कुछ सही नहीं है। सेना प्रमुख जनरल वकार ने देश की संप्रुभता पर मंडराते खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, राजनीतिक दलों को आपसी मतभेद भुलाकर, एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ऐसा नहीं तो छात्र नेतृत्व वाले आंदोलन की उपलब्धियां भी खतरे में पड़ जाएंगी।
सेना प्रमुख ने राजनीतिक दलों के आपसी मतभेदों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, राजनीतिक दल एक-दूसरे पर निशाना साधने में लगे हैं और उपद्रवी इसका फायदा उठा रहे हैं। आर्मी चीफ बोले, देश में फैली अराजकता के लिए कहीं ना कहीं हम ही जिम्मेदार हैं। कानून व्यवस्था खराब हो गई है इसलिए लोगों को ऐसी कोशिश करनी चाहिए जिससे शांति स्थापित हो सके। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यूनुस सरकार सही दिशा में काम कर रही है। देश में आम चुनाव की संभावनाओं पर आर्मी चीफ बोले, उसके लिए पहले ही बताया था कि 18 महीने का समय लग सकता है। जल्द ही चुनाव कराए जाएंगे।
आपको बता दें कि शेख हसीना सरकार के खिलाफ छात्र आंदोलन की शुरुआत करने वाले छात्र नेताओं में से एक मोहम्मद नाहिद इस्लाम ने दो दिन पहले ही यूनुस सरकार से इस्तीफा दे दिया है। शेख हसीना के तख्तापलट में नाहिद इस्लाम का विशेष रोल रहा। बाद में अंतरिम सरकार के गठन के बाद नाहिद को सूचना और प्रसारण सलाहकार के पद नियुक्त किया गया। इस्तीफा देने के बाद नाहिद ने कहा कि वो सरकार में रहने के बजाय सड़कों पर उतरकर एक एक्टिविस्ट के रूप में काम करना जयादा पसंद करेंगे।
