कमल हासन भी हिंदी के विरोध में उतरे, तमिलनाडु सीएम स्टालिन का किया समर्थन
नई दिल्ली। साउथ फिल्मों के अलावा बहुत सारी हिंदी फिल्मों में अभिनय कर चुके अभिनेता कमल हासन भी अब हिंदी के विरोध में उतर आए हैं। तमिलनाडु में जारी भाषा विवाद पर कमल हासन ने भी मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की बात का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर दक्षिण के राज्यों में जबर्दस्ती हिंदी थोपे जाने का आरोप लगाया। मक्कल नीधि मैयम (एमएनएम) के अध्यक्ष कमल हासन ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ‘इंडिया’ (INDIA) को ‘हिंदिया’ (HINDIYA) बनाना चाहती है।
परिसीमन के विरोध में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन द्वारा बुलाई सर्वदलीय बैठक में कमल हासन ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से परिसीमन संबंधी कोई भी निर्णय गैर हिंदी भाषी राज्यों के लिए हितकर नहीं होगा। वहीं, परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक के समापन के बाद तमिलनाडु के मंत्री थंगम थेनारासु ने कहा, मैं उन सभी राजनीतिक दलों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने आज की सर्वदलीय बैठक में भाग लिया और परिसीमन के संबंध में हमारे सीएम द्वारा लाए गए प्रस्ताव का सर्वसम्मति से समर्थन किया। इस बैठक में भाग लेने वाले राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधियों ने अपने-अपने रुख के बारे में बताया है।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार नई शिक्षा नीति के तहत तीन भाषीय फॉर्मूले को लाना चाहती है मगर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन लगातार हिंदी का विरोध कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि तमिलनाडु में हिंदी को बढ़ावा देकर बीजेपी तमिल भाषा को खत्म करना चाहती है। स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने भी हाल ही में इंडिया गठबंधन के दलों द्वारा केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन में शामिल होते हुए कहा था, हिंदी के कारण उत्तर भारत के राज्यों में बोली जाने वाली वहां की स्थानीय भाषाएं जैसे हरियाणवी, राजस्थानी, भोजपुरी खत्म होने को हैं। इन सब राज्यों में हिंदी ही प्रमुख भाषा बन गई है।
