आंखों से इटली का चश्मा उतारें सोनिया गांधी, नई शिक्षा नीति की आलोचना पर बीजेपी का पलटवार
नई दिल्ली। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि इसके जरिए देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ट्रिपल ‘सी’ यानी केंद्रीकरण, व्यवसायीकरण और सांप्रदायिकीकरण (सेंट्रलाइजेशन, कमर्शियलाइजेशन और कम्यूनलाइजेशन) को बढ़ावा देना चाहती है। वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर सोनिया गांधी के सवाल उठाने पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए उन्हें कटाक्ष किया और आंखों से इटली का चश्मा उतारने की सलाह दी है।
सोनिया गांधी के राष्ट्रीय शिक्षा नीति की आलोचना करने वाले लेख पर महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस कहा कि अंग्रेजों ने जिस शिक्षा का मैकालेकरण किया अब उस शिक्षा का भारतीयकरण हो रहा है। मैकाले ने कहा था कि जब तक हम भारत की शिक्षा प्रणाली में बदलाव नहीं करेंगे, तब तक हम अंग्रेज भारत पर शासन नहीं कर सकते। अंग्रेजों ने भारतीयों पर शासन करने के लिए शिक्षा प्रणाली में बदलाव किया था। अगर ऐसी शिक्षा प्रणाली का भारतीयकरण किया जा रहा है, तो किसी को दुखी होने की कोई जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि सोनिया जी को इस बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए और इस कदम का समर्थन करना चाहिए।
उधर, बीजेपी नेता तरुण चुग ने सोनिया गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि आजादी के बाद 60 साल तक कांग्रेस ने देश को औपनिवेशिक मानसिकता की गिरफ्त में रखा। देश को भारत के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताने की बजाय कांग्रेस ने शिक्षा के माध्यम से सांप्रदायिकता और तुष्टीकरण की सांप्रदायिकता फैलाई। जहां तक आरएसएस का सवाल है, वे लगातार देश की देशभक्ति और विकास के लिए काम कर रहे हैं। सोनिया गांधी को असली देशभक्ति तभी नजर आएगी, जब वे अपनी आंखों से इटैलियन चश्मा उतार देंगी। आपको बता दें कि दि हिंदू अखबार में छपे लेख में सोनिया ने कहा है कि नई शिक्षा नीति में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों से बाहर सारी ताकत अपने हाथ में ले ली है।
