April 24, 2026

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कैश जलने के मामले में घिरे जस्टिस यशवंत वर्मा के पक्ष में आए कपिल सिब्बल, जांच कमेटी और सरकार पर लगाए आरोप

नई दिल्ली। आवास के स्टोर रूम में कैश जलने के मामले में घिरे इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को विपक्षी सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल का साथ मिला है। जस्टिस यशवंत वर्मा के साथ खड़े होते हुए कपिल सिब्बल ने कैश जलने की जांच करने वाली तीन जजों की कमेटी और सरकार पर आरोप लगाए हैं। कपिल सिब्बल ने कहा कि जस्टिस यशवंत वर्मा के मामले में पारदर्शिता नहीं रखी गई। विपक्षी सांसद ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का भी पालन नहीं हुआ और जस्टिस यशवंत वर्मा को सुने बिना ही रिपोर्ट तैयार की गई।

कपिल सिब्बल ने कहा कि जजों की कमेटी ने रिपोर्ट में ये तक नहीं बताया कि जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर कितना कैश मिला। उन्होंने सवाल दागा कि ये कैसे माना जाए कि जस्टिस यशवंत वर्मा की मंजूरी से वहां कैश रखा गया था? कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर जस्टिस वर्मा के खिलाफ सरकार महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करना चाहती है, तो उसे संसद के रास्ते करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसकी जगह सीधे हस्तक्षेप किया जा रहा है। कपिल सिब्बल ने कहा कि जिस स्टोर रूम में नकदी मिली, वो जस्टिस यशवंत वर्मा को मिले इलाके में था, लेकिन बिना ठोस जांच किए सुप्रीम कोर्ट ने एक्शन लिया। उन्होंने कहा कि जस्टिस यशवंत वर्मा को बयान देने का मौका भी जजों की जांच कमेटी ने नहीं दिया। ये न्याय के खिलाफ है।

वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि या तो सरकार जस्टिस यशवंत वर्मा की किसी बात से नाराज है या फिर न्यायपालिका पर दबाव बनाने के लिए नेशनल ज्यूडिशियल अप्वॉइंटमेंट कमीशन यानी एनजेएसी को फिर लाने की कोशिश हो रही है। कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्यसभा सचिवालय कह रहा है कि मेरा दस्तखत मिलान नहीं खा रहा। वे छह महीने से सत्यापन नहीं कर सके। क्या ये दोहरा रवैया नहीं? विपक्षी सांसद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जस्टिस यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की जांच छह महीने से लंबित है। बता दें कि जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर 14 मार्च 2025 को लगी आग में बड़ी मात्रा में कैश जलने का आरोप लगा है। जिसके बाद उनको तत्कालीन सीजेआई संजीव खन्ना ने दिल्ली हाईकोर्ट से तबादला कर इलाहाबाद भेजा था और जजों की जांच कमेटी बनाई थी।

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