लेह हिंसा की जांच के लिए प्रशासन ने जारी किए आदेश, एसडीएम मुकुल बेनीवाल को सौंपी गई जिम्मेदारी
नई दिल्ली। लद्दाख की राजधानी लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा मामले में प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। नोब्रा के एसडीएम मुकुल बेनीवाल को पड़ताल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हिंसा कैसे भड़की इस बात की पूरी रिपोर्ट एसडीएम को चार हफ्ते में सौंपनी होगी। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। हिंसा के दो दिन बाद प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया था। सोनम वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट (NSA) लगाया गया है। फिलहाल उनको राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद किया गया है।
प्रशासन की ओर से हिंसा की जांच का आदेश जारी किए जाने से एक दिन पहले लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में केंद्र शासित प्रदेश में तैनता अधिकारियों ने उपराज्यपाल को क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए किए गए उपायों से अवगत कराया तथा हालिया स्थिति की पूरी जानकारी दी।
यह भी बताया जा रहा है कि उपराज्यपाल ने हिंसा के बाद सामान्य स्थिति बहाल करने में सुरक्षा बलों और नागरिक प्रशासन के अथक प्रयासों की सराहना की। उपराज्यपाल की इस बैठक में केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव पवन कोतवाल, पुलिस महानिदेशक एसडी सिंह जामवाल, डीआईजी श्रीनगर दक्षिण पीके सिंह, लेह के उपायुक्त, लेह के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार, सीओ रजत जैन समेत कई अन्य अधिकारी भी शामिल हुए थे।
इससे पहले सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लद्दाख के डीजीपी डॉ. एसडी सिंह जामवाल ने बताया था कि पाकिस्तान कनेक्शन और बांग्लादेश तथा नेपाल यात्राओं की जांच की जा रही है। बता दें कि हिंसा के बाद केंद्रीय गृहमंत्रलाय ने सोनम वांगचुक के एनजीओ स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख का विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाला एफसीआरए लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया था। एनजीओ के खातों में कथित विसंगतियों की वजह से यह कार्रवाई की गई थी।
