अपनी पार्टी को ‘अबोध बालक का बंधक’ मत बनाइए, राज्यसभा में जेपी नड्डा ने कटाक्ष करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे को दी सलाह
नई दिल्ली। राज्यसभा में आज नेता सदन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच एक बार फिर तीखी बहस देखने को मिली। जेपी नड्डा ने बिना नाम लिए राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए उनको ‘अबोध बालक’ कह दिया। नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता के माध्यम से मैं ये कहना चाहूंगा कि हाउस में जब सारी बातें करने के लिए हम तैयार हैं तो उस पर चर्चा होने दें। आप हमसे सीनियर हैं पर एक बात का मैं आपसे आग्रह करूंगा कि अपनी पार्टी (कांग्रेस) को ‘अबोध बालक का बंधक’ मत बनाइए।
नड्डा ने खड़गे से मुखातिब होते हुए आगे कहा कि आप इतने होशियार और तजुर्बेकार हैं कि आपको अपनी पार्टी के लोगों को भी समझाना चाहिए कि लोकतांत्रिक तरीके से ही काम करना है। अबोध और अहंकार यह दोनों बहुत ही घातक मिश्रण (डेडली मिक्चर) होता है, इससे बचकर रहें और पार्टी को बंधक न बनने दें, बल्कि स्वतंत्र रूप से पार्टी चलाएं। दरअसल मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारे संविधान के अनुसार संसद का मतलब लोकसभा और राज्यसभा हैं। हमारे पास दो सदन हैं, एक लोकसभा और दूसरा राज्यसभा। लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष की बात पर सदन के नेता नड्डा ने बीच में टोकते हुए कहा, मेरे सम्मानित सहयोगी और विपक्ष के नेता को पता होना चाहिए कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती है। जब खड़गे ने उपसभापति से मुखातिब होते हुए कहा, आप रूल की बात करते हो। आप सब प्रोसीडिंग की बात करते हैं, हर कानून, हर बिल लोकसभा से पास होकर राज्यसभा में आता है। इस पर नड्डा ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में चलने वाली सरकार हर मामले पर और हर मुमकिन तरीके से चर्चा करने के लिए हमेशा तैयार है।
