लोकतंत्र पर सवाल: नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवी मास्टर अजीज नजरबंद
नरेंद्र बंसल-
मेरठ, नशे के बढ़ते अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवी और आजाद अधिकार सेना के मेरठ मंडल अध्यक्ष मास्टर अजीज को थाना लिसाड़ी गेट पुलिस ने शुक्रवार को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। आरोप है कि यह कार्रवाई बिना किसी ठोस कानूनी आधार के की गई।
बताया जा रहा है कि मास्टर अजीज 22 फरवरी को मेरठ आगमन पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में नशे के बढ़ते अवैध कारोबार और इससे युवाओं के भविष्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों से अवगत कराने वाले थे।
इसी क्रम में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा को भी बुलंदशहर पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने का आरोप संगठन ने लगाया है। संगठन का कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और जनसमस्याओं को सरकार तक पहुंचाने से रोकने की कोशिश है।
नजरबंदी के दौरान मास्टर अजीज ने कहा कि “प्रशासन शायद नशे के सौदागरों से ज्यादा एक समाजसेवी की आवाज से डर रहा है। मुझे घर में कैद किया जा सकता है, लेकिन मेरे संकल्प को नहीं। मेरठ के युवाओं को नशे के जहर से बचाने का अभियान जारी रहेगा।”
घटना की जानकारी फैलते ही संगठन के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। आजाद अधिकार सेना ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए निष्पक्ष जांच और नजरबंदी समाप्त करने की मांग की है।
“आवाज दबाई जा सकती है, पर जज्बा नहीं।”
