भारत को इस देश ने एलएनजी सप्लाई का दिया ऑफर, ईरान युद्ध के कारण कतर से आना हो गया है बंद
ओटावा। ईरान युद्ध के कारण तमाम देशों को ऊर्जा के क्षेत्र में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी ईरान युद्ध का असर पड़ा है। ईरान ने होर्मुज की खाड़ी बंद कर दी है। इसकी वजह से खाड़ी के देशों सऊदी अरब, बहरीन, यूएई और कतर से कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी एलएनजी की सप्लाई नहीं हो पा रही। रूस और अन्य देशों से भारत कच्चा तेल तो खरीद रहा है, लेकिन एलएनजी आयात पर कतर के कारण असर पड़ा है। ऐसे में एक देश ने भारत को एलएनजी सप्लाई का ऑफर दिया है।
भारत को एलएनजी सप्लाई का ऑफर देने वाले देश का नाम कनाडा है। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी बीते दिनों ही भारत के दौरे पर आए थे। उस दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। मार्क कार्नी के दौरे से भारत और कनाडा के बीच फिर बेहतर संबंधों की शुरुआत हुई। अब कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें वो पीएम नरेंद्र मोदी के साथ हैं। पीएम मोदी के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कनाडा के पीएम कार्नी ने कहा था कि भारत की ऊर्जा की मांग दुनिया में और कहीं के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा था कि ऊर्जा के सुपरपावर के तौर पर कनाडा इस मौके का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
ऐसे में साफ है कि कनाडा के पीएम मार्क कार्नी भारत को एलएनजी सप्लाई का ऑफर दे रहे हैं। कनाडा अभी 14 मिलियन टन एलएनजी का उत्पादन करता है। जिसे 2030 तक बढ़ाकर 100 मिलियन टन करने का लक्ष्य उसने तय किया है। एनएलजी का इस्तेमाल खाद बनाने और अन्य कई तरह के उद्योगों में होता है। भारत अब तक कतर से बड़े पैमाने पर एलएनजी लेता रहा है। ईरान ने इतने हमले किए और होर्मुज से जहाजों के आने जाने पर रोक लगी, जिसकी वजह से कतर ने एलएनजी का उत्पादन फिलहाल बंद कर रखा है। युद्ध खत्म होने के बाद ही कतर में फिर एलएनजी उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। जिसके सामान्य होने में भी दो से तीन हफ्ते का वक्त लगेगा।
